हरियाणा : मलेरिया व स्वाइन फ्लू ने डराया

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भयावह। ढ़ाई हजार से ज्यादा मलेरिया तो 67 स्वाईन फ्लू के मरीज आए सामने

चंडीगढ़ (अनिल कक्कड़)। बीमारियों के सीजन में नूंह और यमुनानगर को जहां मलेरिया ने अपनी गिरफ्त में ले रखा है, वहीं अब स्वाईन फ्लू के मरीजों ने सेहत महकमे की धड़कनें बढ़ाकर रख दी हैं। चिंता की बात यह है कि साफ सुथरे कहे जाने वाले पंचूकला जिलों में सबसे ज्यादा केस स्वाईन फ्लू के सामने आ रहे हैं। प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग मान रहा है कि अभी तक स्वाईन फ्लू के 67 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है, जिसमें सबसे ज्यादा मरीज पंचकूला व फरीदाबाद जैसे जिलों में है। अभी तक एक भिवानी में एक बुजुर्ग की मौत भी हो चुकी है। जबकि बाकी जिलों में स्वाईन फ्लू के औसतन एक-एक दो-दो मरीज भी सामने आ रहे हैं।

स्वाईन फ्लू के मरीजों को अन्य मरीजों से अलग रखने के निर्देश

डायरेक्टर मलेरिया डाक्टर सूरजभान कांबोज और डिप्टी डायरेक्टर डाक्टर अपराजिता ने बताया कि राज्य के अंदर अभी तक 67 स्वाईन फ्लू के मरीजों की पुष्टि हुई है। इसमें पंचूकला और फरीदाबाद को छोड़कर बात करें, तो सभी में एक-एक दो-दो मरीज हैं। पंचकूला में अभी 19स्वाईन फ्लू के मरीजों की पुष्टि हुई है। वहीं दूसरी फरीदाबाद में 21 मरीज पाए गए हैं। अंबाला में दो, भिवानी चार फतेबाहाद में एक, हिसार में आठ, कैथल करनाल में दो-दो, कुरुक्षेत्र व पलवल में एक एक मरीज स्वाईन फ्लू के सामने आए हैं। इसी तरह से रेवाडी में एक, सरसा में दो, यमुनानगर में तीन सामने आए हैं। बहरहाल, पंचकूला और एनसीआर में मरीजों की ज्यादा संख्या को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के हाथ पैर फूले हुए हैं। ज्यादा प्रभावित जिलों में टीमें लगाकर अलग से वार्ड आदि की व्यवस्था की गई है।

नूंह में सबसे ज्यादा 1285 मलेरिया मरीज

स्वास्थ्य मुख्यालय से लिये गए ब्योरे पर नजर डालें तो मलेरिया के 2162 मरीज सामने आ चुके हैं। इस बार नूंह में सबसे ज्यादा केस सामने आए हैं। यहां पर संख्या 1285 पहुंच गई है। पलवल में भी हालात ठीक नहीं है, यहां पर 208 को मलेरिया कनफर्म हो चुका है। यमुनानगर में 160 मरीज मिले हैं। पंचकूला में 107 मरीज मलेरिया के सामने आ चुके हैं। अंबाला में 11 व भिवानी में 20, फरीदाबाद में 60 मरीज जबकि फतेहाबाद में 26 मरीज मलेरिया के पाए गए हैं। गुरुग्राम में इस बार अभी 13 मरीज दर्ज हुए हैं। हिसार में 58, झज्जर में 31 मामले, जींद में 12, कैथल में 7 जबकि करनाल में 57 मामले, कुरुक्षेत्र 25, महेंद्रगढ़ में 8 पानीपत में 18, रेवाडी 7 रोहतक में 28, सिरसा 21 मरीजों की पुष्टि हो चुकी हैं।

अभी तक दस मामले डेंगू के

डेंगू के मामले देखें तो इस बार गुरुग्राम में छह मामले सामने आए हैं। अंबाला भिवानी और हिसार, जींद सभी जिलों में एक-एक मरीज की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग के आला अफसरों को इस बार एक बात का संतोष है कि गत वर्ष अगस्त की शुरूआत में जितने मरीज थे, उतने इस बार सामने नहीं आ रहे हैं।

सभी जिलों से रोजाना ली जा रही है रिपोर्ट

मलेरिया नियंत्रण विभाग हरियाणा निदेशक सूरजभान कांबोज और उपनिदेशक डाक्टर राजेश ख्यालिया ने बताया कि राज्य के सभी जिलों से रोजाना रिपोर्ट ली जा रही हैं। दवाएं और स्पेशल वार्ड आदि का इंतजाम भी किया गया है। लोगों को जनजागरण के द्वारा भी बीमारियों के बारे में बचकर रहने की अपील की जा रही है। टीमों ने घर-घर जाकर पुराने हटाने, कूलर आदि चेक करने के साथ ही सभी से मलेरिया, डेगूं आदि को लेकर जागरुक रहने की अपील की है।

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