अब एक साल लगे या पांच, कानून रद्द होने तक डटे रहेंगे : किसान

Published On

मामला। 73 दिनों से मांगों के लिए सड़कों पर पर धरना दे रहे किसान

  • कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने किया चक्का जाम

सच कहूँ/इन्द्रवेश भिवानी। कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर देश भर में किसानों ने शनिवार को तीन घंटे रोड़ जाम किए। बात करें भिवानी की तो यहां चरखी दादरी हाइवे पर कितलाना टोल सहित करीब 15 जगहों पर रोड जाम किये गए। किसानों ने कहा कि अब एक साल लगे या पांच, वो पीछे हटने वाले नहीं। संयुक्त किसान मोर्चा की कॉल पर भिवानी में चरखी दादरी हाइवे को कितलाना टॉल, रोहतक हाइवे को गांव बामला, हिसार हाइवे को गांव प्रेमनगर व बवानीखेड़ा, जींद हाइवे को गांव धनाना, महम-गोहाना हाइवे को कालुवास गांव सहित जिला में करीब 15 जगह पर रोड़ जाम कर किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और तीनों कानून जल्द वापस लेने की माँग की।

जिले में टोल सहित करीब दो दर्जन जगह रही शामिल

कितलाना टोल की बात करें तो यहां पर किसानों ने अनोखा प्रदर्शन करते हुए सरकार को चेताने का काम किया। यहां टोल पर रोड जाम कर महिला व पुरूष किसानों ने रोड़ पर ही लेटकर सरकार विरोधी नारेबाजी की। किसानों ने बताया कि ये कानून काले हैं और सरकार को वापस लेने ही होंगे। यहां किसानों ने नारेबाजी करते हुए किसान एकता का परिचय दिया। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान राकेश आर्य व महिलाओं का नेतृत्व कर रही मुकेश पहाड़ी ने कहा कि आज का रोड़ जाम सरकार को चेतावनी है कि वो तीनों कृषि कानून रद्द करे।

  •  जब तक सरकार ये कानून रद्द नहीं करती, किसानों के केस वापस नहीं लेती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
  • अब तो कानून रद्द करवाने पर ही खेती व किसान बचेगा।

Hindi News से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।

About The Author

Related Posts