टावर लगवाने के नाम 1.18 लाख की ठगी

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  • पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया केस

    दो आरोपी काबू, साथियों की पहचान के लिए पूछताछ जारी

पानीपत (सच कहूँ/सन्नी कथूरिया)। मोबाइल कंपनी का टावर लगवाने के नाम पर 1 लाख 18 हजार रुपए की ठगी की वारदात को अंजाम देने वाले दो आरोपियों को सीआईए-थ्री पुलिस टीम ने काबू किया।  सीआईए-थ्री टीम प्रभारी सब इंस्पेक्टर छबील सिंह ने बताया कि सुल्तानपुर यूपी निवासी उमा शंकर पांडे ने गत दिनों मेल के माध्यम से पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार को शिकायत दे बताया कि आॅनलाइन टावर लगवाने की रिक्वायरमेंट देखकर उसने मोबाइल टावर लगवाने के लिए दी गई वैबसाइट पर आॅनलाइन आवेदन किया था।

इसके बाद कंफरमेंशन के लिए उसके मोबाइल पर मैसेज आते रहे और धीरे-धीरे करके पैसों की मांग कर आनलाईन अकाउंट में 1 लाख 18 हजार रुपए ट्रांसफर करवा लिए। जिस अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करवाए गए, उसका आईएफसी कोड पंजाब नेशनल बैंक, पानीपत की ब्रांच का है। टावर लगाने बारे आज तक ना कोई एग्रीमेंट और ना कोई अन्य दस्तावेज उन्हें दिए गए हैं और अब इनकम टैक्स के नाम पर 46 हजार 800 रुपए की मांग कर रहे हैं। आरोपियों ने फर्जीवाड़ा कर टावर लगाने के नाम पर उनसे 1 लाख 18 हजार रुपए की ठगी की।

  • आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाए

उमा शंकर पांडे की शिकायत पर थाना मॉडल टाउन में भा.द.स की धारा 406,420 के तहत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्यवाही अमल मे लाई गई। सब इंस्पेक्टर छबील सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने आरोपियों की धरपकड़ की जिम्मेवारी सीआईए-थ्री पुलिस टीम को सौंपी। सीआईए-थ्री की टीम ने गहनता से जांच कर बैंक अकाउंट नंबर के आधार पर आरोपियों की पहचान की। तत्पश्चात आरोपियों को माडल टाउन क्षेत्र से काबू कर लिया।

आरोपियों की पहचान इंद्रपाल उर्फ राजेंद्र निवासी लोगी पुखा जिला गोंडा, उत्तर प्रदेश हाल किरायेदार सैनी कॉलोनी पानीपत, गौतम पुत्र विजय प्रसाद निवासी आशा नगर बिहार हाल किरायेदार गंगा राम कॉलोनी पानीपत के रूप में हुई। वारदात में शामिल आरोपियों के अन्य साथियों बारे गहनता से पूछताछ कर रही है।

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