Haryana: हरियाणा की सभी जेलों में पैरोल नियमों को लेकर जस्टिस ललित बत्रा का आया बड़ा बयान

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Haryana: कैथल, सच कहूं/ कुलदीप । हरियाणा मानव अधिकार आयोग के चेयरपर्सन जस्टिस ललित बत्रा ने कहा कि सभी कैदियों को समय पर पैरोल मिले इसके लिए प्रदेश की सभी जेलों में ऑटो जनरेटेड सिस्टम बनाने की जरूरत है। इसको लेकर वे जेल महानिदेशक से बातचीत करेंगे ताकि कोई ऐसा सॉफ्टवेयर विकसित किया जा सके, जिससे प्रत्येक कैदी को बिना देरी के पैरोल मिल सके। संबंधित कैदी को अप्लाई करने की जरूरत न पड़े, बल्कि जेल प्रबंधन अपने आप संबंधित को जानकारी दे कि अब उसकी पैरोल का समय आ गया है। पैरोल प्रत्येक कैदी का मानव अधिकार है, कोई भी कैदी या बंदी इससे वंचित न रहे।

हरियाणा मानव अधिकार आयोग के चेयरपर्सन ललित बत्रा सोमवार को जिला जेल के निरीक्षण के उपरांत पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने जिला जेल में मुलाकात कक्ष से लेकर सभी बैरक, अस्पताल, कैंटीन, वर्कशॉप, लॉन्ड्री, खाद्यान भंडारण तथा वीसी रूम आदि का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कैदियों से भी बातचीत की और उनकी समस्याएं जानी।

42 दिन के अंदर पूरी हो पैरोल प्रक्रिया | Haryana

उन्होंने कहा कि पैरोल सभी का अधिकार है और नियमानुसार सभी को इसका लाभ मिलना चाहिए। सजायाफ्ता कब से जेल में है, कब उसकी एंटाइटलमेंट पैरोल के लिए बनी। यह सब कुछ कंप्यूटराइज्ड होना चाहिए। कुछ अशिक्षित कैदियों को पता नहीं होता है कि यह उसका अधिकार है। जेल प्रबंधन संबंधित को बताएं कि वह कब और कितने दिन के लिए पैरोल पर जा सकता है। डीसी व एसपी को भी इस बारे में कहा गया है कि पैरोल से संबंधित प्रक्रिया 42 दिन के अंदर पूरी हो जाने चाहिए। इस अवसर पर जेल अधीक्षक अशोक कुमार, डीएसपी सुशील प्रकाश, नायब तहसीलदार जोगिंद्र धनखड़ सहित अन्य जेल स्टाफ मौजूद रहा।

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