खाद के साथ गेहूं के बीज के लिए भी लग रही लंबी लाइने

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साथ की साथ खत्म हो रहा खाद व बीज का स्टॉक

कैथल (सच कहूं/कुलदीप नैन)। Kaithal News: जिले में गेहूं की बिजाई का समय शुरू हो गया है। किसानों को खाद के साथ-साथ अब बीज के लिए भी लाइनों में लगना पड़ रहा है। खाद ने पहले से ही किसानों को परेशान किया हुआ है, वहीं अब किसानों को पर्याप्त मात्रा में बीज भी नहीं मिल पा रहा है। बता दें कि जिले में गेहूं के बीज को लेकर लाइनें लगनी शुरू हो गई हैं। वहीं कृषि विभाग के पास जितना खाद पहुंच रहा है, उतना ही साथ के साथ उठ रहा है। Kaithal News

शनिवार को इफको खाद केंद्र पर गेहूं के बीज को लेकर लंबी लाइन लगी। एक आधार कार्ड पर 5 गेंहू की थैली मिल रही है। शहर के इफको खाद केंद्र पर गेहूं की विभिन्न किस्मों के बीज पहुंचे। जैसे ही किसानों को खाद केंद्र पर बीज पहुंचने की सूचना मिली, उसी समय किसानों की भीड़ केंद्र पर जमा होनी शुरू हो गई

खाद बीज लेने में आ रही समस्या | Kaithal News

शनिवार को शहर के हरियाणा बीज बिक्री केंद्र पर सैकड़ो किसानों को गेहूं का बीज वितरित किया। केंद्र पर गेहूं की 327, 1270, 303 नंबर किस्म पहुंची। वहीँ किसानो को 187 व 222 नंबर किस्म का बीज खरीद केंद्र पर उपलब्ध नहीं हुआ | बीज लेने पहुंचे किसान मनदीप कुमार, सुखविंद्र, रमेश, सज्जन सिंह आदि ने बताया कि गेहूं की बिजाई का समय शुरु हो गया है, कृषि विभाग के पास ना तो खाद ही पूरा आ रहा है और ना ही पर्याप्त मात्रा में बीज उपलब्ध है। किसानों को हर फसल के समय खाद व बीज की जरूरत होती है, लेकिन विभाग कोई भी तैयारी नहीं करता। हर बार किसानों को खाद व बीज के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ता है। उसके बाद भी खाद व बीज की पूरी मात्रा नहीं मिलती। Kaithal News

शनिवार को खाद वितरण की सरकारी दुकान पर खाद न होने के चलते सन्नाटा पसरा रहा। बता दे कि जिले में डीएपी खाद की भारी किल्लत चल रही है। शुक्रवार को एक ट्रंक खाद का आया था जोकि साथ की साथ बिक गया। खाद लेने के लिए किसानो की लंबी लाइने लगी हुई थी। शनिवार को खाद न होने के चलते यहां कोई नजर नहीं आया।

केंद्र पर गेहूं का बीज उपलब्ध है। शनिवार को 3 प्रकार की किस्मों के बीज किसानों को दिए गये हैं। किसान बीज को लेकर चिंतित ना हो केंद्र पर पर्याप्त मात्रा में बीज उपलब्ध है। सभी किसानो को बीज मुहैया करवाया जायेगा।
                                                                               – सतीश नारा, एसडीओ, कृषि विभाग, कैथल

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