निगाना फीडर टूटने से गांव बीरन में 150 किल्ले धान की फसल जलमग्न, किसानों की बढ़ी मुश्किलें
किसानों की महीनों की मेहनत पर फिरा पानी, खेतों में खड़ी और कटी हुई फसल हुई बर्बाद: सरपंच प्रतिनिधि फौगाट
तोशाम, सच कहूँ/विरेंद्र सिंह। Tosham News: गांव बीरन में निगाना फीडर टूटने से किसानों पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। फीडर से निकले पानी ने किसानों की महीनों की मेहनत को बबार्दी के कगार पर ला खड़ा किया है। इस हादसे में गांव के करीब 150 किल्ले धान की फसल जलमग्न हो गई है। खेतों में कहीं पककर तैयार खड़ी धान की फसल पानी में डूबी हुई है तो कहीं कटाई के बाद खेतों में पड़ी फसल पानी के बीच बर्बाद हो रही है। हालात ऐसे बन गए हैं कि किसानों को अपनी आंखों के सामने सालभर की मेहनत बर्बाद होते देखने को मजबूर होना पड़ रहा है।
सरपंच प्रतिनिधि जोगेंद्र फौगाट ने प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि निगाना फीडर टूटने से बीरन गांव के किसानों की जो बबार्दी हुई है, उसका जिम्मेदार कौन है। करीब 150 से अधिक किल्ले धान की फसल पानी में डूब चुकी है। उन्होंने कहा कि किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। खेतों में पानी भरा होने के कारण अगली फसल की बिजाई की उम्मीद भी खत्म होती जा रही है। प्रशासन को चाहिए कि बिना देरी किए पानी की निकासी का प्रबंध करे और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दे। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो किसान बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
पीड़ित किसान राजेंद्र यादव व महेंद्र ने कहा कि फीडर टूटने के बाद पानी का बहाव इतना तेज और अधिक है कि खेतों में तालाब जैसी स्थिति बन गई है। किसानों ने कहा कि धान की फसल बर्बाद होने के साथ-साथ अब आगामी रबी सीजन की फसल की बिजाई भी अधर में लटक गई है। खेतों में लगातार पानी जमा हो रहा है, लेकिन इसे रोकने और निकालने के लिए कोई प्रभावी प्रबंध दिखाई नहीं दे रहा। ऐसे में किसानों के सामने आर्थिक संकट के साथ-साथ भविष्य की खेती को लेकर भी गंभीर चिंता खड़ी हो गई है। गांव बीरन के प्रभावित किसानों और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि निगाना फीडर से आ रहे पानी को तुरंत रोका जाए तथा खेतों में जमा पानी की युद्धस्तर पर निकासी करवाई जाए। इसके साथ ही खराब हुई फसल की विशेष गिरदावरी करवाकर प्रत्येक प्रभावित किसान को उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि किसानों को इस भारी नुकसान से कुछ राहत मिल सके।
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