मम्मड़ खेड़ा में माइनर टूटी, 50 एकड़ में भरा पानी; नरमे और सरसों की फसल पर संकट

किसान बोले, नरमे के साथ सरसों की बिजाई भी प्रभावित

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गोरीवाला, सच कहूँ/अनिल। Goriwala News: मम्मड़ खेड़ा डिस्ट्रीब्यूटरी में आई दरार ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेरने का खतरा पैदा कर दिया। गांव बनवाला के पास बुर्जी नंबर 149 के नजदीक रविवार रात करीब 8 बजे डिस्ट्रीब्यूटरी टूटने से लगभग 50 एकड़ खेत जलमग्न हो गए। खेतों में खड़ी नरमे की फसल के साथ सरसों की बिजाई भी प्रभावित हुई। किसानों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद मरम्मत का काम शुरू होने में करीब 16 घंटे लग गए।

किसानों के अनुसार रात को दरार धीरे-धीरे बढ़कर 8 से 10 फीट तक चौड़ी हो गई। सूचना मिलने पर नहरी विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और दो जेसीबी की मदद से रात में मरम्मत का प्रयास किया, लेकिन अंधेरा और पानी का तेज बहाव बाधा बना। सोमवार सुबह हाइड्रा और दो जेसीबी मशीनों की मदद से दोबारा काम शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद दरार को दुरुस्त कर माइनर में पानी छोड़ दिया गया।

दरार के कारण सिंचाई का काम भी प्रभावित

किसान दुलीचंद, रोहतास, मनोज स्वामी, मांगे लाल और रामकुमार ने बताया कि जलभराव से करीब 50 एकड़ में फसल प्रभावित हुई है। किसानों को चिंता है कि खेतों में पानी जमा रहने से नरमे की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। वहीं सरसों की बिजाई के बाद खेतों में पानी भरने से फसल खराब होने का खतरा है। किसानों ने बताया कि माइनर में केवल एक सप्ताह के लिए पानी छोड़ा गया है। दरार के कारण सिंचाई का काम भी अधूरा रह गया है। उन्होंने नहरी विभाग से माइनर की स्थायी मरम्मत करवाने, फसलों के नुकसान का आकलन करने और उचित मुआवजा देने की मांग की है।

नहरी विभाग के एसडीओ नरेश कुमार ने बताया कि रविवार रात माइनर में दरार आने की सूचना मिली थी। सोमवार को दरार दुरुस्त कर माइनर में पानी छोड़ दिया गया है।

 

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