शिक्षा और रोजगार
…तो रॉबर्ट वाड्रा को जमीन मामले में नहीं मिली कोई क्लीन चिट
मुख्यमंत्री के ओएसडी ने भी ट्वीट व वीडियो संदेश जारी कर दी जानकारी
- मार्च माह में एसआईटी का पुनर्गठन भी किया गया
गुरुग्राम (सच कहूँ/संजय मेहरा)। मानेसर क्षेत्र में रॉबर्ट वाड्रा के लैंड डील मामले में (Robert Vadra) खेड़कीदौला पुलिस थाना में दर्ज मामले में रॉबर्ट वाड्रा को क्लीन चिट देने के विषय पर पुलिस ने तस्वीर साफ की है। पुलिस ने कहा है कि क्लीन चिट जैसी कोई बात नहीं है। अभी यह मामला अदालत में विचाराधीन है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के ओएसडी जवाहर यादव ने भी कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। मामले की जांच जारी है।
बता दें कि मानेसर क्षेत्र में रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी मैसर्स स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी ने 18 सितम्बर 2012 को मैसर्स डीएलएफ यूनिवर्सल लिमिटेड को 3.5 एकड़ बेचने में नियमों को ताक पर रखने का मामला सामने आया था। यह मामला अभी तक अदालत में विचाराधीन है। तहसीलदार की रिपोर्ट को क्लीन चिट के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जबकि ऐसा नहीं है। तहसीलदार की रिपोर्ट इस आधार पर है कि उस समय रजिस्ट्री के समय जो सरकारी शुल्क था, वह अदा किया गया है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की अभी भी सक्रिय जांच की जा रही है। एसआईटी और अधिक दस्तावेज जुटाने में लगी है। मामले से जुड़े कई व्यक्तियों की जांच भी की जा रही है। कुछ व्यक्तियों को बड़ा वित्तीय लाभ देने के उद्देश्य से आपराधिक साजिश के आरोपों के संबंध में भी जांच हो रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा की गई जांच की गहन समीक्षा के बाद पिछले महीने एसआईटी का पुनर्गठन किया गया है।
गुरुग्राम पुलिस ने पांच साल पहले रियल एस्टेट डेवलपर्स, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा (Robert Vadra) और अन्य लोगों के खिलाफ भूमि हस्तांतरण मामले में गड़बड़ी को लेकर आपराधिक मामला दर्ज किया गया था। गुरुग्राम की वजीराबाद के तहसीलदार द्वारा पेश रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि विवादित भूमि डीएलएफ यूनिवर्सल लिमिटेड के नाम पर नहीं है, बल्कि यह अब भी एचएसवीपी/एचएसआईआईडीसी हरियाणा के नाम पर है।
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