दिवालियेपन, बेरोजगारी के कारण बढ़ रही आत्महत्याओं की संख्या: एआईटीएफ

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चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। दिवालियेपन और बेरोजगारी के कारण कारोबारियों व स्व नियोजित लोगों की आत्महत्याओं की संख्या बढ़ रही है। ऑल इंडस्ट्रीज एंड ट्रेड फोरम (एआईटीएफ) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर यह मुद्दा उठाया है और मांग की है कि उद्योग-व्यापार क्षेत्र को प्राथमिकता दी जाए। फोरम के अध्यक्ष बदीश जिंदल के लिखे पत्र के अनुसार देश में कारोबार और पेशेवर क्षेत्र कोविड महामारी के बाद मंदी की चपेट में है। इसलिए दिवालियेपन और बेरोजगारी के कारण क्षेत्र में आत्महत्याओं की संख्या हाल के वर्षों में बढ़ी है। उन्होंने लिखा है कि लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार कारोबार एवं उद्योग को कृषि के मुकाबले दोयम क्षेत्र मानती है। उन्होंने राष्ट्रीय अपराध अनुसंधान ब्यूरो के आंकड़ों के हवाले से बताया है कि उद्योग-व्यापार क्षेत्र में आत्महत्याओं की संख्या हर साल बढ़ रही है।

आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019 में क्षेत्र में 16,098 कारोबारियों ने आत्महत्या की, जो संख्या 2020 में बढ़कर 17,332 हो गई और वर्ष 2021 में, जिसके आंकड़े एनसीआरबी ने हाल में जारी किये हैं, 20,231 कारोबारियों ने आत्महत्या की। निजी पेशेवरों की बात करें तो 2019 से 201 तक आत्महत्याओं के मामलों की संख्या 8,730 से बढ़कर 11,431 हो गयी। आत्महत्या के कारणों में दिवालियापन, रोजगार खोना और पेशों से जुड़े अन्य कारक थे। उन्होंने प्रधानमंत्री से आर्थिक नीतियों की समीक्षा करने का अनुरोध किया है और उद्योग-व्यापार क्षेत्र को आवश्यक सहायता पैकेज, कर्ज माफी आदि देने की मांग की है।

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