दिल्ली में 26 को ट्रैक्टर परेड होगी ऐतिहासिक

Published On

तीन कृषि कानून रद्द होने पर ही होगी किसानों की घर वापसी

  • मकडोली टोल प्लाजा पर किसानों का अनशन जारी

रोहतक (सच कहूँ/नवीन मलिक)। किसान संगठनों ने शांतिपूर्ण प्रदेश में गणतंत्र दिवस समारोह मनाने का ऐलान किया है। साथ ही किसानों का कहना है कि दिल्ली में 26 जनवरी को होने वाली ट्रैक्टरपरेड ऐतिहासिक होगी और जब तक सरकार तीन कृषि कानून रद्द नहीं करती और एमएसपी पर गारंटी कानून नहीं बनाती है, तब तक किसान घर नहीं लौंटेगे। किसानों संगठनों का कहना है कि गणतंत्र दिवस समारोह पूरे देश में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है और कोई भी यह नहीं चाहेगा कि इस ऐतिहासिक दिन पर कोई अड़चन डाले।

इसी लिए शांतिपूर्ण गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा। दरअसल गत दिनों किसान संगठनों ने ऐलान किया था कि 26 जनवरी को भाजपा-जजपा के किसी भी नेता को राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराने दिया जाएगा, अगर कोई स्वतंत्रता सेनानी, प्रशासनिक अधिकारी व कोई कर्मचारी राष्ट्रीय ध्वज रोहण करेगा तो वह उसका स्वागत करेंगे।

भारतीय किसान यूनियन अंबावता के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा

शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए भारतीय किसान यूनियन अंबावता के प्रदेश अध्यक्ष अनिल नांदल ने कहा कि तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हर वर्ग में भारी रोष है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह प्रति वर्ष हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है, जोकि देश का राष्ट्रीय पर्व है। शहीदों की बदौलत ही हमें आजादी मिली है और कोई भी यह नहीं चाहेगा कि इस राष्ट्रीय पर्व पर किसी प्रकार की बांधा उत्पन्न हो। अनिल नांदल ने कहा कि भाजपा-जजपा नेताओं द्वारा अगर प्रदेश में कोई राजनीतिक रैलियां या ग्राम स्तर पर कोई कार्यक्रम आयोजित किए गए तो उनका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। उन्होंने लोगों से शांतिपूर्ण गणतंत्र दिवस समारोह बनाने की अपील की।

साथ ही उन्होंने कहा कि 26 जनवरी को दिल्ली में होने वाली परेड ऐतिहासिक होगी और हरियाणा से लाखों की संख्या में हर वर्ग इस ट्रैक्टर परेड में शामिल होगा। उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर परेड को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है और रविवार से ही लोग दिल्ली पहुंचने लगेंगे। अनिल नांदल ने कहा कि तीन कृषि कानूनों को लेकर सरकार के साथ 11 दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही है और सरकार किसानों की समस्या का समाधान करना ही नहीं चाहती है।

उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन को प्रत्येक वर्ग का समर्थन मिल रहा है और किसान आंदोलन तभी समाप्त होगा, जब सरकार तीन काले कानूनों को रद्द कर एमएसपी गारंटी कानून को बनाएगी। किसान अपने हकों की लड़ाई लड़ रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि मकडोली, मदीना, डीघल व रोहद टोल पर शांतिपूर्ण किसान अनशन पर बैठे हैं और 26 जनवरी को दिल्ली में होने वाली ट्रैक्टर परेड में शामिल होगा।

अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।

About The Author

Related Posts