बढ़ती नशावृति के खिलाफ लांमबंद हुए तलवंडी राणा के ग्रामीण

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हिसार (सच कहूँ/श्याम सुन्दर सरदाना)। हिसार के निकटवर्ती गांव तलवंडी राणा के ग्रामीणों ने गांव में बढ़ती नशावृति के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है। जिसमें गांव में नशा व शराब का कारोबार करने वालों का पहले समझाया जाएगा। उनके न मानने की स्थिती में जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन की मदद से ठोस कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। गांव के सार्वजिनक स्थानों पर शराब का ठेका बंद करने को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखने से लेकर उनसे मुलाकात करने पर चर्चा हुई। बुधवार को गांव के प्राईमरी स्कूल में आयोजित एक बैठक में हिस्सा लेते हुए ग्रामीणों ने गांव में अवैध नशा रोकने की शपथ ली है।

ग्रामीण बोले: पहले अवैध नशा बेचने वालों को समझाएंगे, नहीं माने तो करवाएंगे कार्यवाही

इस दौरान ब्लॉक समिति सदस्य सूबेदार गंगाराम, राह ग्रुप फाउंडेशन के चेयरमैन नरेश सेलपाड़, समाजसेवी कृष्ण मुक्कड़, हजारी लाल शर्मा, पूर्व पंच वजीर चंद, पंच सतबीर मणकस, पंच बलवंत खटाणा, डा. सीताराम जागड़ा, नरसिंह फौजी, मोमन राम अधाना, मुलाराम पखाला, महिपाल अधाणा, सुरेश गुरी, सतबीर सुथार, रामकिशन चावड़ा, रामबाग सेवा समिति के उपाध्यक्ष, सारदूल वर्मा, डा. ईश्वर सैन, डा. राजकुमार, पंडित संतोष शर्मा, जयप्रकाश गुप्ता, सुभाष मणकस सहित कई गणमान्य लोगों ने गांव में अवैध नशे के कारण होने वाली परेशानियों व बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि गांव में जगह-जगह शराब के अवैध अहाते बनने के कारण माहौल खराब हो गया है। छोटे-छोटे बच्चों में नशे की प्रवृति बढ़ गई है। इस मामले में जल्द ही दोबारा बैठक होगी, जिसमें गांव में नशे का कारोबार करने या उन्हें पनाह देने वालों की सूचि बना कर उनके खिलाफ पहले समझाने एवं उसके बाद ठोस कार्यवाही की रणनीति बनाई गई। इस दौरान अवैध नशे के कारोबार के मददगार पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी उच्च अधिकारियों को शिकायत भी की जाएगी।

नियमों के विरुद बस स्टेंड है पर खुला है शराब का ठेका:-

इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि उनके गांव में शराब ठेका खोलने के नियमों के खिलाफ पिछले दस-12 सालों में गांव के बस स्टेंड पर शराब का ठेका खुला हुआ है। इसमें ठेकेदार भले ही बदल गए हों, मगर गांव के बस स्टेंड पर आज भी ठेका खुल रहा है। जिसके कारण यहां पर शराबियों का यहां पर जमघट लगा रहता है। इस दौरान ग्रामीणों ने फैसला लिया कि गांव में नशा रोकने के लिए अलग-अलग तीन कमेटियां बनाई जाएगी। जिसमें एक कमेटी पहले से नशे के गिरफ्त युवाओं का इलाज करवाने, दूसरी कमेटी सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों के खिलाफ कार्यवाही करने व तीसरी कमेटी नशा बचने वालों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने के काम को अंजाम देगी।

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