चार आरोपी 10 आधुनिक पिस्तौलों सहित काबू
अमृतसर पुलिस ने सीमा पार से अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क का किया भंडाफोड़
अमृतसर (सच कहॅूँ/राजन मान)। Amritsar News: अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने सीमा पार से अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को 10 आधुनिक पिस्तौलों सहित गिरफ्तार किया है। यह जानकारी शनिवार को यहाँ पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने दी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रवि सिंह (33) और शरणबीर सिंह उर्फ सन्नी (31), दोनों निवासी गाँव महावा (अमृतसर), मनप्रीत सिंह उर्फ मन्नू (21) निवासी गांव निहाला किलचा, फिरोजपुर और पिपल सिंह (22) निवासी गाँव फतेहवाला हिठाड़, फिरोजपुर के रूप में हुई है।
बरामद हथियारों में तीन .30 बोर (मेड इन चाइना), एक 9एमएम ग्लॉक (मेड इन आॅस्ट्रिया), एक अन्य 9एमएम पिस्तौल, पांच .30 बोर पिस्तौल और 9 जिंदा कारतूस शामिल हैं। पुलिस टीमों ने आरोपियों के दो बाईक भी जब्त किए हैं। डीजीपी ने बताया कि प्रारंभिक जाँच के अनुसार आरोपी विदेश-आधारित तस्कर के इशारे पर काम कर रहे थे और सीमा पार के रूटों के जरिए अवैध हथियारों की खेप प्राप्त कर आगे आपराधिक तत्वों को सप्लाई करते थे। उन्होंने बताया कि इस अवैध हथियार सप्लाई नेटवर्क में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान के लिए मामले में आगे की जाँच जारी है।
सभी आरोपी अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट गाँवों के रहने वाले: गुरप्रीत सिंह भुल्लर
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पुलिस टीमों ने पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए रवि सिंह और शरणबीर उर्फ सन्नी को तीन पिस्तौलों सहित गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान उनके खुलासों के आधार पर दो और पिस्तौल बरामद किए गए और जाँच जारी रखी गई। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि विदेशी तस्कर के बारे में और सुराग मिलने पर जाँच को तेज करते हुए पुलिस टीमों ने मनप्रीत उर्फ मन्नू और पिपल सिंह को भी तीन पिस्तौलों सहित गिरफ्तार किया। आगे की पूछताछ में दो और पिस्तौल बरामद हुए, जिससे इस नेटवर्क में उनकी सक्रिय भूमिका का खुलासा हुआ।
उन्होंने बताया कि आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जाँच से पता चला है कि शरणबीर उर्फ सन्नी और रवि सिंह पहले से ही हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के मामलों में वांछित थे। सीपी गुरप्रीत भुल्लर ने बताया कि जाँच में यह भी सामने आया है कि चारों आरोपी अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट गाँवों के रहने वाले हैं, जिससे इस अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क में उनकी पहुंच और संलिप्तता स्पष्ट होती है। इस संबंध में दो अलग-अलग थानों जिनमें थाना छेहरटा व थाना मकबूलपुरा में एफआईआर दर्ज की गई है।

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