बच्चों के भविष्य में रोड़ा अटकाने वाले अध्यापकों के खिलाफ होगा मामला दर्ज
बच्चों की परीक्षाओं को रोकने का प्रयास करने पर शिक्षा विभाग व कैप्टन सख्त
- कुछ अध्यापकों पर हुआ मामला दर्ज, नौकरी से हटाने की भी हो सकती है कार्रवाई
चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)।
प्रदेश भर में गरीब विद्यार्थियों की शिक्षा को प्रभावित करने व उनकी परीक्षाएं नहीं होने देने वाले अध्यापकों के खिलाफ अब पंजाब सरकार ने सख्त कार्यवाही करने के आदेश जारी कर दिए हैं। शिक्षा विभाग को इस संबंधी सख्त कार्यवाही करने के लिए जहां मुख्यमंत्री अमरिन्दर सिंह के कार्यालय से आदेश जारी हो गए हैं वहीं पंजाब भर में जिन अध्यापकों ने गरीब विद्यार्थियों की परीक्षाओं में खलल डाला है, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
अब पंजाब सरकार अध्यापकों के सामने इस मामले में झुकने की बजाए सख्त कार्यवाही करने के मूड में है, क्योंकि मामला किसी मांग को लेकर सरकार व अध्यापकों के बीच नहीं बल्कि अब गरीब विद्यार्थियों की शिक्षा व अध्यापकों का है। इसीलिए सरकार ने सख्त कदम उठाने के लिए पंजाब भर के डिप्टी कमीशनरों व एसएसपी को आदेश जारी कर दिए हैं। देर रात तक मानसा, लुधियाना, जालंधर, अमृतसर व संगरूर सहित आधी दर्जन स्थानों पर परीक्षाओं को रोकने वाले अध्यापक नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का काम जारी था।
वीरवार व शुक्रवार को दो दर्जन से अधिक स्कूलों में रूकी परीक्षा
सरकार द्वारा बताया जा रहा है कि प्रदेश भर में पढ़ो पंजाब को लेकर परीक्षाएं ली जा रही हैं, जिन्हें अगले महीने होने वाली फाईनल परीक्षाओं की तैयारी के तौर देखा जा रहा था लेकिन कुछ अध्यापकोे नेताओं ने अपनी, मांगों को मनाने के लिए इन परीक्षाओं को अपना हथियार बनाते हुए बायकाट करने का ऐलान कर दिया। जिसके बाद पंजाब के कुछ जिलो में 2 दर्जन से अधिक स्कूलों में परीक्षाओं को होने से रोका गया और आधिकारियों को स्कूल में घुसने तक नहीं दिया गया।
जिसके बाद पंजाब सरकार ने इस मामले में सख्त कार्यवाही करने का ऐलान कर दिया है। पंजाब सरकार ने जिन स्कूल में परीक्षा को होने से रोका गया है और मौके पर अधिकारियों के साथ बदतमीजी की गई है, उन अध्यापकों खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के आदेश जारी दिए गए हैं। इसके साथ ही शिक्षा विभाग को आदेश जारी कर दिए गए हैं कि इन दोषी अध्यापकों को नौकरी से बाहर करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाए।
स्कूलें में पुलिस तैनात करने के लिए मजबूर हुई सरकार
कुछ अध्यापक नेताओं ने परीक्षाओं को नहीं करवाने की धमकी देने के बाद पंजाब सरकार को स्कूलों में पुलिस तैनात करने के लिए भी मजबूर होना पड़ा। सरकार किसी भी हालत में इन परीक्षाओं को करवाना चाहती थी और किसी भी तरह की कोई असुखद घटना न घटे इसीलिए सुरक्षा के तौर पर पुलिस तक तैनात करनी पड़ी। जिसके बाद सरकार ने यह कड़ा फैसला लिया।
गरीब बच्चों का क्या कसूर
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा कि पंजाब भर के अध्यापक खुद अपने बच्चों को प्राईवेट स्कूलों में पढ़ाते हैं, जबकि सरकारी स्कूलों के गरीब बच्चों को परीक्षाओं को क्यों रोका जा रहा है। इसमें बच्चों का क्या कसूर है।
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