पॉवरकॉम की लापरवाही से सरकार को लग रहा लाखों का चूना

Published On

मुफ्त बिजली मिलने के बाद पॉवरकॉम का बिजली मीटरों से ध्यान हटा

  • कुंभकरण की नींद सो रहे पॉवरकॉम विभाग के अधिकारी
  • कस्बा सनौर में लम्बे समय से जले मीटरों के बक्से हुए टेढ़े, कुंडियां लगा जलाई जा रही लाईटें

सनौर। (सच कहूँ/राम सरूप पंजोला) पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर ट्यूबवैलों की चल रही मुफ्त बिजली स्कीम से (PSPCL) घरेलू खपतकारों को भी 300 युूनिट पर महीना बिजली मुफ्त की गई है लेकिन पॉवरकॉम के अधिकारियों ने तो कई खपतकारों को बिना मीटर से सीधी कुंडियां लगाकर बिजली बिल्कुल ही मुफ्त कर दी है, जिसके चलते पंजाब सरकार को बड़े स्तर पर लाखों रूपये का चूना लग रहा है। कस्बा सनौर में कई जगहदेखने को मिला कि लम्बे समय से जले हुए बिजली मीटरों के बक्से भी टेढे होकर खत्म हो गए हैं व बिजली सप्लाई बिजली मीटरों के बिना सीधी कुंडियों पर ही चल रही है और जिन टूटे हुए बक्सों पर मीटर लगे हुए हैं।

यह भी पढ़ें:– सीएम मान ने चिट्टी वेई प्रोजेक्ट का रखा नींव पत्थर

उनमें बारिश आने से पानी भर जाने से मीटरों के भी जलने का खतरा बना हुआ है। (PSPCL) इस तरफ पॉवरकॉम बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहा। इस संबंधी जब कस्बा सनौर का दौरा किया तो देखा कि सनौर में काफी ज्यादा मीटरों के बक्से टेढे हुए पड़े हैं व इनके दरवाजे भी खुले पड़े हैं व कई बक्सों के दरवाजे तो गायब ही हो चुके हैं, जिस कारण किसी बड़े हादसे का खतरा भी मंडरा रहा है। क्योंकि इन बक्सों के नजदीक से हजारों लोग गुजरते हैं व बेसहारा पशु भी इनके आसपास घूमते रहते हैं, जिस कारण कोई बड़ी घटना भी घट सकती है। इसके अलावा देखा गया कि इन बक्सों में जो मीटर जल चुके हैं।

मीटरों में कोई रीडिंग नहीं निकल रही

उन मीटरों की तारें पॉवरकॉम के अधिकारियों ने सीधी ही जोड़ी हुई हैं, जिस कारण इन मीटरों में कोई रीडिंग नहीं निकल रही, जिससे पॉवरकॉम को लाखों का चूना लग रहा है। पंजाब केघरेलू खपतकारों को मुफ्त बिजली स्कीम मिलने के बाद पॉवरकॉम लापरवाह नजर आ रहा है। शायद इनको यह लग रहा है कि लोग बिजली पॉवरकॉम से मुफ्त ले रहे हैं, जबकि पंजाब सरकार द्वारा लोगों के टैक्स का पैसा सरकारी खजाने में से पॉवरकॉम को इस मुफ्त स्कीम की खपत हुई बिजली का पैसा अदा किया जाता है।

पिछले एक साल से नए मीटर कम आ रहे: निर्मल सिंह

पॉवरकॉम सब डिवीजन अधिकारी (PSPCL) सनौर निर्र्मल सिंह से फोन पर बात कर जानना चाहा तो उनका कहना था कि जो मीटर जल गए हैं। उनकी सप्लाई सीधी हो सकती है, बाकी तो ऐसा कोई केस नहीं है। उन्होंने बताया कि पिछले तकरीबन एक साल से विभाग द्वारा नए मीटर बहुत कम आ रहे हैं, जो नए आ रहे हैं, उनको जले हुए मीटरों की जगह रिप्लेस किया जा रहा है।

About The Author

Related Posts