Punjab News: जालंधर में अमित शाह का AAP पर हमला, बोले- 2029 तक पंजाब को चिट्टे के कारोबार से करेंगे मुक्त

जालंधर में अमित शाह का AAP पर हमला, बोले- 2029 तक पंजाब को चिट्टे के कारोबार से करेंगे मुक्त

Published On

जालंधर (सच कहूँ न्यूज़)। Punjab News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को जालंधर के परागपुर में आयोजित भाजपा की नशा मुक्ति महारैली को संबोधित किया। पंजाब में नशे के मुद्दे को केंद्र में रखते हुए उन्होंने आम आदमी पार्टी की सरकार पर कई आरोप लगाए और कहा कि अगर भाजपा को समर्थन मिलता है तो 31 दिसंबर 2029 से पहले पंजाब को चिट्टे के कारोबार से मुक्त करने का लक्ष्य रखा जाएगा। यह रैली भाजपा की 13 दिवसीय ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के समापन कार्यक्रम के तौर पर आयोजित की गई थी।

अमित शाह ने अपने संबोधन की शुरुआत पंजाब की धरती और महान सिख गुरुओं को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा कि जालंधर आना उनके लिए सौभाग्य की बात है और पंजाब को नशे से मुक्त करने के अभियान के बीच यहां आना उनके लिए विशेष अवसर है।

पंजाब के योगदान का किया जिक्र

अमित शाह ने पंजाब के इतिहास और देश के लिए पंजाबियों के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आजादी से पहले और उसके बाद भी पंजाब के लोगों ने देश के लिए लगातार बलिदान दिए हैं। उन्होंने पंजाब के किसानों का भी जिक्र किया और कहा कि किसान देश के लिए अन्न पैदा करता है। शाह ने अपने भाषण में पंजाब की देश की सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा में भूमिका को रेखांकित किया।

‘2029 तक चिट्टे के कारोबार से मुक्त करेंगे पंजाब’

रैली में अमित शाह ने पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में चिट्टे का कारोबार खुले तौर पर चलने दिया गया और नशे के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई।

शाह ने कहा कि भाजपा को समर्थन मिलने पर 31 दिसंबर 2029 से पहले पंजाब को चिट्टे के कारोबार से मुक्त करने का लक्ष्य रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पंजाब को नशे से मुक्त करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

भाजपा की नशा मुक्त पंजाब यात्रा 18 सितंबर को शुरू हुई थी और चार अलग-अलग यात्राओं के जरिए राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों तक पहुंचने का दावा किया गया। यात्रा करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद जालंधर में समाप्त हुई।

विज्ञापन खर्च को लेकर भी सरकार पर सवाल

अमित शाह ने पंजाब सरकार के विज्ञापन खर्च को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार हर साल करीब 785 करोड़ रुपये विज्ञापनों पर खर्च कर रही है।

शाह ने कहा कि सरकार ने पंजाब की जनता से कई वादे किए थे और अब इन वादों का हिसाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह इससे पहले मार्च 2026 में मोगा की रैली में भी विज्ञापन खर्च को लेकर इसी तरह का दावा कर चुके हैं।

नौकरियों और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर घेरा

गृह मंत्री ने पंजाब सरकार के चुनावी वादों का जिक्र करते हुए 25 लाख नौकरियों के वादे पर सवाल उठाया। उन्होंने राज्य में बनाए गए क्लीनिकों और स्वास्थ्य सुविधाओं का भी मुद्दा उठाया। शाह ने दावा किया कि केवल क्लीनिक खोलने से स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी नहीं होती और पंजाब में 16 मेडिकल कॉलेज बनाने का वादा भी पूरा नहीं किया गया।

26 फसलों पर MSP का मुद्दा उठाया

अमित शाह ने किसानों से जुड़े मुद्दों को भी अपने भाषण में शामिल किया। उन्होंने पंजाब में 26 फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) देने के वादे का जिक्र करते हुए राज्य सरकार पर सवाल उठाए।

उन्होंने दावा किया कि पंजाब में यह वादा पूरा नहीं हुआ, जबकि हरियाणा में किसानों को MSP दिया जा रहा है। MSP और किसानों से जुड़े इन दावों पर राजनीतिक दलों के बीच अलग-अलग दावे और प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं।

सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों का भी जिक्र

अमित शाह ने 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े पीड़ितों के लिए आर्थिक सहायता के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने इस संबंध में किए गए वादों को पूरा नहीं किया। रैली में शाह के भाषण का मुख्य फोकस नशे के खिलाफ कार्रवाई, राज्य सरकार के कामकाज और पंजाब से जुड़े किसानों, रोजगार और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर रहा।

राजनीतिक रूप से अहम रही रैली

अमित शाह की यह रैली ऐसे समय हुई है जब पंजाब में 2027 विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। भाजपा ने अपनी नशा विरोधी मुहिम को राज्यभर में चलाया और जालंधर की रैली को उसका समापन कार्यक्रम बनाया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, भाजपा ने इस अभियान को आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपने प्रमुख मुद्दों में शामिल किया है।

About The Author

Related Posts