देसराज इन्सां का पार्थिव शरीर मेडिकल रिसर्च के लिए दान

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पूज्य गुरु जी की महान शिक्षाओं के तहत परिजनों द्वारा मेडिकल रिसर्च के लिए किया दान

बरनाला। (सच कहूँ/जसवीर सिंह गहल) स्थानीय एक डेरा अनुयायी ने अपने परिवार के वृद्ध का पार्थिव शरीर डेरा सच्चा सौदा, सरसा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर अमल करते हुए मेडिकल रिसर्च के लिए दान किए जाने का समाचार प्राप्त हुआ है। जिसे सम्मान सहित रिश्तेदार, परिजनों और ब्लॉक की समूह साध-संगत ने भावभीनी विदाई देकर केडी मेडिकल कॉलेज अस्पताल और रिसर्च सेंटर, मथुरा (उत्तर-प्रदेश) के लिए रवाना किया। इस बारे में जानकारी देते हुए ब्लॉक भंगीदास हरदीप सिंह इन्सां और शहरी भंगीदास जगप्रीत सिंह इन्सां ने बताया कि देसराज इन्सां बीती रात अपनी स्वांसों रुपी पूंजी पूरी करके मालिक के चरणों में जा विराजे थे।

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जिनके पार्थिव शरीर को पारिवारिक सदस्यों ने पूज्य गुरु जी की पवित्र एवं महान शिक्षाओं के तहत मानवता हित खोज कार्यों के लिए दान करने का फैसला लिया। इसी के तहत देसराज इन्सां के पार्थिव शरीर को पूज्य गुरु जी की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए डेरा सच्चा सौदा, सरसा की साध-संगत द्वारा किए जा रहे 147 मानवता भलाई कार्यों की कड़ी के तहत मानवता को समर्पित किया है। ब्लॉक भंगीदास के अनुसार देसराज इन्सां की पार्थिव देह को रिश्तेदारों और साध-संगत द्वारा ‘डेरा सच्चा सौदा की सोच पर, पहरां दयांगे ठोक के’ और ‘शरीरदानी देसराज इन्सां, अमर रहे’ के नारों तहत शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फयर फोर्स विंग के सेवादारों के नेतृत्व में मेडिकल कॉलेज को रवाना किया गया। इस मौके पर सुखदेव सिंह इन्सां, संजीव कुमार इन्सां, बलजिंद्र सिंह इन्सां, जसवीर सिंह इन्सां, तरसेम सिंह इन्सां, सुरिंद्र सिंह इन्सां, पूर्व सरपंच हरबंस सिंह इन्सां, राजा सिंह इन्सां के अलावा रिश्तेदार और ब्लॉक की समूह साध-संगत उपस्थित रही।

56वें शरीरदानी बने देसराज इन्सां

शहरी भंगीदास जगप्रीत सिंह इन्सां ने बताया कि देसराज इन्सां के पार्थिव शरीर को केडी मेडिकल कॉलेज अस्पताल और रिसर्च सेंटर, मथुरा (उत्तर-प्रदेश) को दान किया गया है। जहां इस पार्थिव शरीर पर मेडिकल क्षेत्र के साथ संबंधित पढ़ाई कर रहे विद्यार्थी रिसर्च करेंगे। उन्होंने बताया कि ब्लॉक बरनाला और धनौला में से इससे पहले 55 मृतक शरीर मानवता हित मेडिकल रिसर्च के लिए दान किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि प्रेमी देसराज इन्सां ने अपने पार्थिव शरीर को दान करने का फॉर्म जीते-जीअ ही भर दिया थ, जिस पर अब पारिवारिक सदस्यों द्वारा पहरा दिया गया है।

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