High Court: पंजाब सरकार को हाईकोर्ट की फटकार, अदालतों के साथ खेलना बंद करे पंजाब सरकार
10 दिन में सुप्रीम कोर्ट से सुनवाई करवाने के निर्देश
चंडीगढ़, (सच कहूँ/अश्वनी चावला)। पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के बकाया महंगाई भत्ते (डीए) की अदायगी के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने वीरवार को पंजाब सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि सरकार अदालतों के साथ खेलना बंद करे। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरकार को उसके फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार है, लेकिन अपील दायर करने को आदेश की पालना से बचने का आधार नहीं बनाया जा सकता।
सुनवाई के दौरान सरकार ने बताया कि 3 अगस्त के हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की गई है, लेकिन उसमें कुछ खामियां हैं, जिन्हें दूर किया जा रहा है। इस पर कोर्ट ने सरकार को प्रक्रिया तेज करने और 10 दिन में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई करवाने के निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा कि यदि इस अवधि में सुनवाई नहीं होती तो वह खुद मामले में आगे की कार्रवाई करेगा। हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल अपील दायर करने से उसके आदेश पर रोक नहीं लगती। रोक मिलने तक आदेश प्रभावी रहेगा। 3 अगस्त के फैसले में सरकार और पावरकॉम को कर्मचारियों व पेंशनरों को केंद्र के पैटर्न पर डीए की बकाया किस्तें जारी करने के निर्देश दिए गए थे।
95 साल तक के पेंशनर कर रहे इंतजार
कोर्ट के सामने यह तथ्य भी रखा गया कि बकाया डीए पाने वालों में 95 वर्ष तक की उम्र के पेंशनर शामिल हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि इतनी अधिक उम्र के लोगों को बेवजह इंतजार नहीं करवाया जा सकता। इसी वजह से सरकार को अब केवल 10 दिन का समय दिया गया है।