GST Notice: जीएसटी नोटिस को निपटाने के लिए मांगे पांच लाख , ईटीओ और सीए 3 लाख लेते गिरफ्तार
फर्म बंद कराने के लिए विभाग से संपर्क करने पर भेजा था 75 लाख रुपये का नोटिस
जींद (सच कहूँ/जसविन्द्र)। Jind News: स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने जींद में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जीएसटी विभाग के ईटीओ और एक चार्टर्ड अकाउंटेंट को तीन लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोप है कि 75 लाख रुपये के जीएसटी नोटिस को निपटाने के लिए पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। सौदे में तीन लाख रुपये एडवांस और दो लाख रुपये काम होने के बाद देने पर सहमति बनी थी।
गांव ईगराह निवासी अमन ने एसीबी को दी शिकायत में बताया कि उसने पटियाला चौक पर इलेक्ट्रिक यूरिया की फर्म शुरू की थी, लेकिन करीब तीन महीने पहले कारोबार बंद कर दिया था। फर्म बंद कराने के लिए उसने विभाग से संपर्क किया तो उसे छह अगस्त को 75 लाख रुपये का जीएसटी नोटिस भेजा गया। इसके बाद नोटिस के मामले को निपटाने के लिए रिश्वत की मांग की गई। शिकायत के अनुसार, अमन ने सीए अजय शर्मा से संपर्क किया। अजय शर्मा ने जीएसटी ईटीओ दिवेश साहू से बातचीत कर मामला निपटाने की बात कही। दोनों के बीच पांच लाख रुपये में सौदा तय हुआ, जिसमें तीन लाख रुपये पहले और दो लाख रुपये काम होने के बाद देने की बात हुई। अमन ने इसकी सूचना पहले ही एसीबी को दे दी थी।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी के जींद यूनिट के निरीक्षक महेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई। सिंचाई विभाग, जुलाना के एसडीओ दीपांशु को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। टीम ने शिकायतकर्ता को तीन लाख रुपये की रिश्वत राशि दी, जिन पर पहचान के लिए पाउडर लगाया गया था। इसके बाद टीम ने तय योजना के तहत ट्रैप लगाया। एसीबी की योजना के मुताबिक अमन ने भिवानी रोड स्थित सीए अजय शर्मा के कार्यालय में जाकर उसे तीन लाख रुपये दिए। इशारा मिलते ही एसीबी टीम ने अजय शर्मा को मौके पर पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से रिश्वत के तीन लाख रुपये बरामद हुए। हाथ धुलवाने पर रासायनिक पदार्थ के कारण उसके हाथों का रंग भी बदल गया।
पूछताछ के बाद ईटीओ भी गिरफ्तार
सीए अजय शर्मा से पूछताछ के दौरान ईटीओ दिवेश साहू का नाम सामने आया। इसके बाद एसीबी की टीम लघु सचिवालय स्थित जीएसटी कार्यालय पहुंची और ईटीओ दिवेश साहू को भी गिरफ्तार कर लिया। एसीबी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, मामले में रिश्वत मांगने और लेने से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है।