आँखें दान कर अमर हो गईं माता गुरदेव कौर इन्सां

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चंडीगढ़ (सच कहूँ/अनिल कक्कड़)। डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी न सिर्फ इस जहां में रहते बल्कि मरने के बाद भी इन्सानियत के काम आना नहीं भूलते। इसी क्रम में माता गुरदेव कौर इन्सां के मरणोपरांत परिजनों ने उनके नेत्रदान किए, जो दो अंधेरी जिंदगियों को रोशन करने में मददगार होंगे।

मिली जानकारी के अनुसार गांव कोट फत्ता, जिला बठिंडा निवासी गुरदेव कौर इन्सां पिछले कई दिनों से पीजीआई में दाखिल थीं। शुक्रवार को वे अपनी स्वांसों रूपी पूंजी पूर्ण कर कुल मालिक के चरणों में सचखंड जा विराजी। माता गुरदेव कौर लंबे समय से डेरा सच्चा सौदा से जुड़ी थी व मानवता की सेवा में तत्पर रहती थी। उन्होंने पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा पर चलते हुए जीवित रहते मरणोपरांत नेत्रदान करने का प्रण लिया हुआ था, जिसके चलते उनकी मृत्यु के पश्चात उनके परिजनों ने उनकी आंखें अंधेरी जिदंगियों को रोशन करने हेतु दान कीं। इस मौके स्थानीय साध-संगत ने माता गुरदेव कौर इन्सां के परिजनों को ढांढस बंधाया एवं उनके इस महान कार्य के लिए धन्य-धन्य कहा।

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