श्रद्धा के सामने फीकी पड़ी कड़ाके की ठंड व घनी धुंध
सड़कों पर दूर- दूर तक लगी रही वाहनों की लाईनें, सेवादारों द्वारा किए प्रबंध पड़े छोटे
- भारी तादाद में पहुंंची साध-संगत व गणमान्यजन, ‘डैप्थ’ मुहिम के तहत नशों को जड़ से खत्म करने व मानवता भलाई के कार्यों का रफ्तार देने का लिया प्रण
सलाबतपुरा। (सच कहूँ/जसवीर सिंह गहल/रवी गुरमा) पूजनीय परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज के पवित्र अवतार माह की खुशी में राजगढ़-सलाबतपुरा में हुई नामचर्चा में घनी धुंध व कड़ाके की ठंड के बावजूद पंजाब के विभिन्न हिस्सों से हजारों की संख्या में साध संगत पहुंची, जिसके लिए भले ही विभिन्न समितियों के हजारों सेवादारों द्वारा बड़े प्रबंध किए गए थे लेकिन साध-संगत की श्रद्धा के सामने सभी प्रबंध छोटे पड़ते दिखाई दिए।
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पूजनीय परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज के 104वें पवित्र अवतार माह की खुशी में हुई नामचर्चा में पंजाब के विभिन्न शहरों-गांवों के गणमान्यजनों के अलावा हजारों की संख्या में साध-संगत ने शिरकत करते खुशी मनाने के साथ ही पूज्य गुरू जी द्वारा शुरू की गई ‘डैप्थ’ मुहिम से प्रेरणा लेते हुए समाज से नशों को जड़ से खत्म करने व मानवता भलाई के कार्यों को पहले से भी अधिक रफ्तार देने का प्रण लिया। नामचर्चा दौरान कविराजों ने दरबार के पवित्र ग्रंथों में से शब्दवाणी की। पवित्र भंडारे की खुशी में हुई नामचर्चा को लेकर साध-संगत में भारी उत्साह दिखाई दिया।


पंडाल के अलावा पूरे दरबार को रंग- बिरंगी लड़ियों, गुब्बारों व फूलों से सजाने के साथ-साथ विभिन्न रंगों से रंगोलियां भी बनाई गई। नामचर्चा में पहुंचने वाली साध-संगत के वाहनों की दरबार के दोनों तरफ सड़क किनारे लम्बी-लम्बी लाइनें लगी दिखाई दीं। बावजूद इसके राह चलने वाले राहगीरों को किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं आने दी गई।

पंडाल से बाहर बैठी साध-संगत के लिए स्क्रीनों का विशेष तौर पर प्रबंध किया गया, जिनके द्वारा साध-संगत ने विभिन्न स्थानों पर बैठकर नामचर्चा का पूरा कार्यक्रम श्रद्धापूर्वक श्रवण किया। हजारों सेवादारों द्वारा पिछले कई दिनों से किए जा रहे प्रबंध नामचर्चा में साध-संगत के सामने बौने पड़ते दिखाई दिए। इकट्ठ अग्गे छोटे नजर आए। क्योंकि बड़ी संख्या में साध-संगत ने ट्रैफिक ग्राऊंडों के अलावा जहां जगह मिली वहीं बैठकर नामचर्चा सुनी। साध-संगत के लिए चाय-पानी के लिए कैंटीनों का भी विशेष प्रबंध किया गया था। नामचर्चा की समाप्ति पर पावन भंडारे की खुशी में साध संगत को प्रेम पूर्वक प्रसाद बांटा गया व कुछ ही मिनटों में साध-संगत को लंगर छकाया गया।

नामचर्चा के दौरान पूज्य गुरू जी के रिकॉडिर्ड अनमोल वचनों की एक वीडियो क्लिप भी चलाई गई, जिसे साध-संगत ने प्रेम पूर्वक श्रवण किया। इसके अलावा भलाई की कड़ी के तहत चलाए जा रहे भलाई कार्य ‘फूड बैंक’ को लेकर डाक्यूमैंट्री दिखाई गई व पूज्य गुरू जी द्वारा भेजा गया 13वां रूहानी पत्र साध-संगत को पढ़कर सुनाया गया। नामचर्चा के आखिर में इसी कड़ी के तहत पूज्य गुरू की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए पावन अवतार माह की खुशी में साध-संगत द्वारा 104 जरूरतमंदों को गर्म कंबल बांटे गए।


साध-संगत ने लिया प्रण, ‘कभी नेगेटिव नहीं सोचेंगे’
पावन अवतार माह की खुशी में हुई नामचर्चा के दौरान पूज्य गुरू जी द्वारा रिकॉडिर्ड प्रण करवाया गया कि ‘कभी भी नेगेटिव नहीं सोचेंगे।‘ इस प्रण को साध-संगत ने अपने दोनों हाथ खड़े कर मानने का पूज्य गुरू जी से वादा किया।
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