शिक्षा और रोजगार
संगरूर में धान की रोपाई के काम ने पकड़ा जोर
बड़ी संख्या में पहुंचने लगे प्रवासी मजदूर, लगभग 8 हजार एकड़ में हो रही धान की सीधी बिजाई, पिछले साल की तुलना में दोगुनी
संगरूर (सच कहूँ/गुरप्रीत सिंह)। Sangrur News: पंजाब में सबसे अधिक अनाज उत्पादन करने वाले जिला संगरूर में किसानों द्वारा धान की रोपाई का काम बड़े स्तर पर चल रहा है। आगामी कुछ दिनों में किसानों द्वारा धान की रोपाई का काम पूरा किए जाने के आसार हैं। अंतिम जोन में शामिल जिलों संगरूर, मलेरकोटला और बरनाला में 9 जून से धान की रोपाई शुरू हो चुकी है। रोपाई के काम की रफ्तार को देखते हुए जिले में प्रवासी मजदूरों की आवद भी शुरू हो गई है। कृषि विभाग के आँकड़ों के अनुसार इस बार जिले में करीब 2 लाख 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की रोपाई होने की संभावना है। इसे लेकर कृषि विभाग, बिजली विभाग और अन्य संबंधित विभाग पूरी तरह सक्रिय हो चुके हैं। हर बार की तरह इस बार भी किसान सीधी बिजाई की बजाय पारंपरिक तरीके से कद्दू (पानी भरकर) विधि से रोपाई को प्राथमिकता दे रहे हैं।
विभागीय आँकड़ों के अनुसार इस बार धान की सीधी बिजाई लगभग 8 हजार एकड़ में हो रही है, जो पिछले साल की तुलना में दोगुनी बताई जा रही है। गाँव लड्डा और गग्गड़पुर के किसानों ने बताया कि इस बार उत्तर प्रदेश, बिहार और हरियाणा से आने वाले प्रवासी मजदूरों की दिहाड़ी महंगी पड़ रही है। पिछले साल जहाँ प्रति एकड़ रोपाई का रेट 4,000 से 4,500 रुपये था, वहीं इस बार यह बढ़कर 5,000 रुपये प्रति एकड़ हो गया है। किसानों ने कहा कि स्थानीय मजदूरों की दिहाड़ी प्रवासी मजदूरों से भी ज्यादा है, इसलिए मजबूरी में उन्हें प्रवासी मजदूरों से काम करवाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि खेतों के लिए 8 घंटे बिजली सप्लाई शुरू हो चुकी है। जुताई के बाद सूखे खेतों में पानी छोड़ा जा रहा है, लेकिन अधिक तापमान, मजदूरों की कमी और कम उम्र की पनीरी के कारण रोपाई ने अभी पूरी रफ्तार नहीं पकड़ी है। गर्मी के कारण पनीरी के जलने का खतरा भी बना हुआ है।
बिजली व्यवस्था से किसान संतुष्ट
किसानों ने कहा कि इस बार बिजली की कोई कमी नहीं है और वे बिजली व्यवस्था से संतुष्ट हैं। किसान मुख्य रूप से पीआर-126, पीआर-130 और पीआर-131 किस्मों की रोपाई कर रहे हैं। ये किस्में कम समय में पकती हैं और पानी की खपत भी कम करती हैं। किसानों का कहना है कि यदि अच्छी बारिश हो जाए तो रोपाई का सीजन पूरी गति पकड़ लेगा।
इस संबंध में जिला संगरूर के मुख्य कृषि अधिकारी धमेन्द्र सिंह सिद्धू ने बताया कि जिले में धान की रोपाई का काम काफी तेजी पकड़ चुका है। उम्मीद है कि आने वाले एक सप्ताह के भीतर रोपाई का काम पूरा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि धान की सीधी बिजाई का रकबा पिछले साल से अधिक है, और इस वर्ष लगभग 8 हजार एकड़ में सीधी बिजाई करवाई जा रही है, जबकि पिछले साल यह आँकड़ा कम था।
ट्यूबवेलों को 8 घंटे बिजली उपलब्ध करवाई कराई जा रही: जिंदल
इस संबंध में पावरकॉम के एक्सईएन एनके जिंदल ने बताया कि धान सीजन के दौरान किसानों को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। ट्यूबवेलों को 8 घंटे बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है। जहाँ भी कोई फॉल्ट आता है, वहाँ तुरंत टीमें भेजकर उसे ठीक किया जाता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि धान सीजन के दौरान संगरूर के किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी।
