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मलेशिया से डिपोर्ट केजेडएफ के दो कथित आरोपी दिल्ली एयरपोर्ट से काबू
मलेशिया में बैठकर केजेडएफ समर्थित आतंकी मॉड्यूल के प्रमुख संचालकों के रूप में काम कर रहे थे दोनों आरोपी
पटियाला (सच कहूँ न्यूज)। Patiala News: पंजाब पुलिस ने केन्द्रीय एजेंसियों और मलेशिया की रॉयल मलेशिया पुलिस (आरएमपी) के सहयोग से एक बड़े खुफिया अभियान के तहत प्रतिबंधित खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (केजेडएफ) से जुड़े दो वांछित आरोपियों को मलेशिया से भारत डिपोर्ट करवाकर गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने शुक्रवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंबाला निवासी गुरविन्द्र सिंह और पटियाला निवासी मनजीत सिंह के रूप में हुई। दोनों को नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद पंजाब पुलिस ने हिरासत में लिया और आगे की जांच के लिए गए।
डीजीपी यादव ने कहा कि दोनों आरोपी मलेशिया में बैठकर केजेडएफ समर्थित आतंकी मॉड्यूल के प्रमुख संचालकों के रूप में काम कर रहे थे। यह मॉड्यूल पंजाब में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) रेलवे लाइन सहित महत्वपूर्ण रेलवे ढांचे को निशाना बनाने की साजिश में शामिल था। गौरतलब है कि पंजाब पुलिस ने इससे पहले इसी साल 23 जनवरी को फतेहगढ़ साहिब जिले के सरहिन्द के निकट रेलवे फ्रेट कॉरिडोर पर हुए त्वरित विस्फोटक उपकरण (आईईडी) विस्फोट तथा 27 अप्रैल को पटियाला जिले के शंभू क्षेत्र में इसी कॉरिडोर पर विस्फोट की कोशिश करने वाले आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था। उस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था और उनके कब्जे से एक आरपीजी लॉन्चर, आईईडी, आरडीएक्स, हैंड ग्रेनेड तथा अत्याधुनिक पिस्तौलें और गोला-बारूद बरामद किया था।
दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड पर भेजा
आगे की जाँच में यह खुलासा हुआ कि इस अंतरराष्ट्रीय साजिश के तार मलेशिया में बैठे केजेडएफ हैंडलरों और वित्तीय सहयोगियों से जुड़े हुए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार गुरविन्द्र सिंह और मनजीत सिंह विदेशों में मौजूद खातों के माध्यम से पंजाब में सक्रिय केजेडएफ आतंकियों तक धन पहुंचाने का काम कर रहे थे। इन फंड का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने तथा राज्य में शांति और कानून-व्यवस्था को भंग करने की साजिश के लिए किया जाना था। दोनों आरोपियों को पटियाला की एक सक्षम अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
