Punjab
पिता ही निकला बेटे का ‘हत्यारा’, दो गिरफ्तार
नाभा पुलिस ने 48 घंटे में सुलझाई धारोकी गाँव में हुई हत्या मामले की गुत्थी
दो आरोपी गिरफ्तार, बेटे के झगड़ालू स्वभाव से परेशान पिता ने अपने दोस्त की मदद से की थी हत्या
नाभा (सच कहूँ/तरूण कुमार शर्मा)। Nabha News: नाभा पुलिस ने पिछले दिनों धारोकी गाँव में हुई हत्या के कथित आरोपियों को घटना के 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने का दावा किया है। वीरवार को सदर थाना नाभा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीएसपी गुरिन्द्र सिंह बल और सदर थाना इंचार्ज जसप्रीत सिंह ने संयुक्त रूप से जानकारी दी कि एसएसपी पटियाला वरुण शर्मा आईपीएस के दिशा-निर्देशों के तहत और जसवीर सिंह पीपीएस कप्तान पुलिस पीबीआई पटियाला, गुरिन्द्र सिंह बल डीएसपी नाभा के नेतृत्व में इंस्पेक्टर जसप्रीत सिंह मुख्य अधिकारी थाना सदर नाभा ने 27 अप्रैल को गाँव धारोकी में मोहन दास पुत्र जसपाल दास उर्फ जगपाल दास निवासी धारोकी की हत्या के मामले को सुलझा लिया है उन्होंने बताया कि मृतक का शव गांव धारोकी के खेतों में खून से सना हुआ पाया गया था, जिसके माथे, सिर और हाथों पर तेजधार हथियारों से वार करके बुरी तरह हत्या की गई थी।
घटना की सूचना मिलते ही थाना सदर नाभा के मुख्य अधिकारी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मृतक मोहन दास के चचेरे भाई मलकीत दास पुत्र हरिचंद निवासी गांव धारोकी के बयान पर मामला दर्ज किया था। उन्होंने बताया कि मृतक मोहन दास की हत्या के आरोपियों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई थी, इसलिए मामले की जांच के लिए सीसीटीवी कैमरे, कॉल डिटेल्स, टावर लोकेशंस, डंप और ह्यूमन इंटेलिजेंस का सहारा लिया गया। इस दौरान इंस्पेक्टर जसप्रीत सिंह मुख्य अधिकारी थाना सदर नाभा सहित अन्य पुलिस टीमों ने छापेमारी की और घटना के आरोपियों जसपाल सिंह उर्फ जगपाल सिंह पुत्र जसवंत सिंह और राजेन्द्र सिंह पुत्र दर्शन सिंह निवासी गाँव धारोकी तहसील नाभा जिला पटियाला को गिरफ्तार किया, और घटनास्थल पर इस्तेमाल हुए हथियार बरामद किए।
पुलिस पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ कि मोहन दास की हत्या रंजिश के कारण की गई थी। मृतक मोहन दास झगड़ालू किस्म का व्यक्ति था, जो कई वर्षों से अपनी पत्नी, बेटियों और पिता जसपाल सिंह के साथ मारपीट करता था और उसके खिलाफ गाँव में कई बार लड़ाई-झगड़े की शिकायतें भी दर्ज हो चुकी थीं। मृतक के झगड़े और मारपीट से तंग आकर उसके पिता जसपाल सिंह और उसके दोस्त राजेन्द्र सिंह ने मिलकर इस हत्या की घटना को अंजाम दिया। कथित आरोपियों को आज अदालत में पेश किया गया, और पुलिस रिमांड प्राप्त कर उनसे और गहन पूछताछ की जाएगी।