दो सप्ताहों दौरान ही डेंगू से मूनक में तीन की मौत

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सैंकड़ों की संख्या में डेंगू मरीज टोहाना व मूनक के सरकारी व प्राईवेट अस्पताल में भर्ती Three die from dengue in Munic during two weeks

मोहन सिंह/दुर्गा सिंगला संगरूर/मूनक।

पिछले दो सप्ताहों दौरान डेंगू से मूनक कस्बे में तीन मौत हो जाने के साथ मूनक के लोगों में डेंगू को लेकर भारी दहशत पाई जा रही है। कस्बे मूनक में एक अन्दाजे मुताबिक सैंकड़ों की संख्या में डेंगू के मरीज टोहाना और मूनक के सरकारी व प्राईवेट अस्पताल मरीजों के साथ भरे पड़े हैं। डेंगू के प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से गतदिवस मूनक कस्बे में जगह जगह खुले कथित डॉक्टरों की दुकानों की चैकिंग की गई व कई डॉक्टरों की दुकाना ऐसी चैकिंग की गई जिनके पास कोई डिग्री वगैरह नहीं थी जबकि उहना ने डेंगू के मरीजों को दाखिल कर ग्लुकोज की बोतलों लगाकर इलाज शुरू किया हुआ था।

स्वास्थ्य विभाग की टीम एसएमओ डॉ. राजेश कुमार व डॉक्टर लवराज के नेतृत्व में से गई यह चैकिंग खानापूर्ती ही सिद्ध हुई क्योंकि कई अपने आप बने डॉक्टर के पास किसी भी तरह की कोई डिग्री न होने के बावजूद और मरीजों की मौजुदगी होने पर भी सिर्फ फटकार लगाकर छोड़ देना लोगों में चर्चा का विषय बन चुका है। क्षेत्र के लोगों अनुसार कथित प्राईवेट डॉक्टर मरीजों से एक ग्लुकोज की बोतल का 800 से 1500 रुपए वसूल कर रहे हैं। बीती रात डेंगू के साथ एक 32 वर्षीय महिला की मौत भी लोगों के में चर्चा का विषय बनी हुई है।

क्या कहते हैं सिविल सर्जन संगरूर: डेंगू के साथ मौतें होने संबंधी व स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गई चैकिंग सम्बन्धित पूछे जाने पर डॉ. अरुण गुप्ता ने कहा कि यदि हमारे स्वास्थ्य विभाग की कोई भी लापरवाही पाई गई तो उनके विरुद्ध सख़्त कार्रवाई की जायेगी और बिना डिग्री से चल रहे निजी अस्पतालों की दोबारा चैकिंग कर बनती कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि कुछ कथित डॉक्टर स्वास्थ्य विभाग की टीम की चर्चा सुन कर अपनी दुकानों बंद कर भाग गए, जिनकी आगामी कुछ दिनों में अचानक चैकिंग कर दोषी पाए गए झौला छाप डॉक्टरों विरुद्ध सख़्त कार्रवाई की जाएगी।

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