Jaisalmer-Jodhpur Bus Accident Updates: जोधपुर अस्पताल में शवों की डीएनए से पहचान जारी, परिजन मांग रहे 50 लाख मुआवजा

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Jaisalmer-Jodhpur Bus Accident Updates: जोधपुर। राजस्थान के जैसलमेर-जोधपुर राजमार्ग पर मंगलवार को हुई दर्दनाक बस दुर्घटना में 20 लोगों की जलकर मृत्यु हो गई थी। हादसे की भयावहता इतनी अधिक थी कि अधिकांश शव पहचान योग्य नहीं रहे। इसके चलते प्रशासन ने डीएनए परीक्षण के माध्यम से मृतकों की पहचान की प्रक्रिया शुरू की। Rajasthan News

महात्मा गांधी अस्पताल, जोधपुर में मृतकों और उनके परिजनों के डीएनए नमूने लिए गए। जिन शवों का मिलान हो गया है, उन्हें परिजनों को सौंपा जा रहा है, जबकि जिनकी रिपोर्ट अभी लंबित है, उन्हें परिणाम आने तक प्रतीक्षा करनी होगी। अस्पताल और एम्स जोधपुर में दस-दस शव सुरक्षित रखे गए हैं। यह दुर्घटना मंगलवार रात हुई थी, जब एक स्लीपर बस में अचानक आग लग गई, जिससे बस में सवार यात्रियों के बचने का कोई मौका नहीं मिला। भीषण आग ने पूरे वाहन को कुछ ही मिनटों में राख कर दिया।

दुखी परिजनों ने महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरना आरंभ कर दिया

इस बीच, दुर्घटना में एक ही परिवार के पाँच सदस्यों की मृत्यु से दुखी परिजनों ने महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरना आरंभ कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक मुख्यमंत्री मृतकों के परिवारों के लिए 50 लाख रुपये का मुआवजा घोषित नहीं करते, वे धरना जारी रखेंगे। मृतक के परिजन जोराराम मेघवाल ने कहा, “हम अपने प्रियजनों के लिए न्याय की माँग कर रहे हैं। यदि 24 घंटे और भी बैठना पड़े तो हम बैठेंगे।” धरना शुरू होने की सूचना पर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे और लोगों को शांत करने का प्रयास किया।

दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने इस हादसे को लेकर राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। सांसद हनुमान बेनीवाल ने आरोप लगाया कि सरकार ने वीआईपी मामलों में तत्परता दिखाई, लेकिन आम नागरिकों की जान बचाने में लापरवाही बरती। उन्होंने कहा, “गंभीर रूप से झुलसे यात्रियों को जोधपुर या जयपुर एयरलिफ्ट करने की कोई व्यवस्था नहीं की गई।”

वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को जनता के प्रतिनिधि होने के नाते मीडिया के सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए थी। उन्होंने टिप्पणी की, “जनता जवाब चाहती है, और मुख्यमंत्री को उनसे संवाद करना चाहिए।” इस हृदयविदारक हादसे ने पूरे राजस्थान को झकझोर दिया है, और प्रशासन अब मृतकों की पहचान व पीड़ित परिवारों की सहायता में जुटा है। Rajasthan News

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