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Local Body elections: हनुमानगढ़ में सामान्य वर्ग की पांच सीटें, संगरिया-हनुमानगढ़ में महिलाओं को मौका
भादरा, नोहर, पीलीबंगा, रावतसर और टिब्बी में सामान्य खुले वर्ग के लिए अध्यक्ष पद
हनुमानगढ़। राजस्थान में आगामी शहरी निकाय चुनावों से पहले हनुमानगढ़ जिले में निकाय प्रमुखों के आरक्षण की तस्वीर साफ हो गई है। जिले की सात नगर पालिकाओं और एक नगर परिषद में अध्यक्ष और सभापति पदों के लिए आरक्षण तय होने के बाद अब चुनावी समीकरण भी बदल गए हैं। जिले में पांच निकायों में अध्यक्ष पद सामान्य खुले वर्ग के लिए, जबकि दो निकायों में महिला वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। वहीं नवगठित गोलूवाला नगर पालिका में अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति के खुले वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है।
आरक्षण के अनुसार हनुमानगढ़ नगर परिषद के सभापति पद को सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। वहीं संगरिया नगर पालिका के अध्यक्ष का पद भी सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। इसके अलावा भादरा, नोहर, पीलीबंगा, रावतसर और टिब्बी में अध्यक्ष पद सामान्य वर्ग के खुले वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं।
इन पांचों निकायों में अब सामान्य वर्ग के दावेदारों के बीच चुनावी मुकाबले की तस्वीर बनने लगी है। वहीं जिले की नवगठित गोलूवाला नगर पालिका में अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति के खुले वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। नई नगर पालिका के गठन के बाद यहां पहली बार अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होगा और अनुसूचित जाति वर्ग को नेतृत्व का अवसर मिलेगा। निकाय प्रमुखों के आरक्षण की प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए दो स्कूली बच्चों से लॉटरी निकलवाई गई।
अब दावेदारियों पर नजर
आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होते ही अब संभावित प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों की निगाहें संबंधित निकायों पर टिक गई हैं। जिले में सामान्य, सामान्य महिला और अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटों के अनुसार राजनीतिक गतिविधियां भी तेज होने की संभावना है। आरक्षण की तस्वीर साफ होने के साथ ही जिले के निकायों में संभावित प्रत्याशियों की सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है। खास तौर पर हनुमानगढ़ और संगरिया में सामान्य महिला वर्ग, जबकि भादरा, नोहर, पीलीबंगा, रावतसर और टिब्बी में सामान्य खुले वर्ग के दावेदारों के लिए रास्ता साफ हुआ है। गोलूवाला में अनुसूचित जाति के खुले वर्ग के दावेदारों की ओर से भी राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
प्रदेश के 309 निकायों में आरक्षण तय
राजस्थान में आगामी शहरी निकाय और पंचायतीराज चुनावों से पहले प्रदेश के 309 शहरी निकायों में नगर पालिका अध्यक्ष, नगर परिषद सभापति और नगर निगम महापौर पदों के आरक्षण की लॉटरी गुरुवार को जयपुर में निकाली गई। इसी दिन 41 जिला परिषदों के जिला प्रमुख पदों के लिए भी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिला आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। निकाय प्रमुखों के आरक्षण की प्रक्रिया में पहले अनुसूचित जाति, इसके बाद अनुसूचित जनजाति और फिर अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण तय किया गया। इसके बाद सामान्य वर्ग में महिला आरक्षण के तहत पदों का निर्धारण किया गया।
60 निकायों में ओबीसी, 50 में एससी और 11 में एसटी आरक्षण
प्रदेश की आरक्षण प्रक्रिया के तहत 60 निकाय प्रमुख पद अन्य पिछड़ा वर्ग, 50 पद अनुसूचित जाति और 11 पद अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। आरक्षण का निर्धारण रोटेशन के आधार पर किया गया है। जिन निकायों में पूर्व में आरक्षण लागू था, उन्हें रोटेशन व्यवस्था के तहत अलग रखा गया। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित निकायों में भी महिला आरक्षण लागू किया गया है। इसी तरह सामान्य वर्ग में भी महिला आरक्षण के आधार पर अध्यक्ष और सभापति पद निर्धारित किए गए हैं।