Zoraram Kumawat : राज्य सरकार गौ कल्याण के लिए प्रतिबद्ध : गोपालन मंत्री

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जयपुर (सच कहूं न्यूज)। गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत (Zoraram Kumawat) ने विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार गौ कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। नियमों के तहत आवेदन करने पर पंचायत स्तर पर गौशालाएं एवं नन्दीशालाएं खोली जाएंगी। गोपालन मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्यों द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि गौशालाएं संचालित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा नियमानुसार अनुदान राशि दी जाती है। साथ ही राजस्थान भू-राजस्व नियम के तहत गौशालाओं हेतु भूमि आवंटन के प्रावधान किये गये हैं। Rajasthan News

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इससे पहले विधायक कैलाशचन्द वर्मा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में कुमावत ने बताया कि गौशालाओं हेतु भूमि आवंटन के सम्बन्ध में राजस्थान भू-राजस्व (गौशाला को भूमि का आवंटन) नियम, 1957 में प्रावधान किये गये हैं। राज्य सरकार द्वारा गौशालाओं के लिए अनुदान राशि दी जाती है। चारे की बढ़ी हुई दरों को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2022-23 से गौशालाओं में संधारित गौवंश के भरण-पोषण हेतु दी जा रही सहायता राशि की अवधि 180 दिवस से बढ़ाकर 270 दिवस की जा चुकी है।

कुमावत ने बताया कि वर्तमान में बड़े गौवंश हेतु 40 रूपये तथा छोटे गौवंश हेतु 20 रूपये प्रति गौवंश प्रति दिन की दर से सहायता राशि 270 दिवस की दिये जाने का प्रावधान है। साथ ही गौशालाओं में अंधे एवं अपाहिज गौवंश तथा नंदीशालाओं में संधारित नर गौवंश को वर्षभर की सहायता दिये जाने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि पात्र गौशालाओं का अनुदान वित्तीय संसाधनों की उपलब्धतानुसार बढाया जाता है। Zoraram Kumawat

जरूरत अनुसार पशुपालकों को दे रहे हैं दवाईयां

पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि राज्य में संचालित पशु चिकित्सालयों व उप केन्द्रों में पशुपालकों को आवश्यक दवाइयां निःशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही हैं। शेष दवाइयों के लिए टेण्डर प्रक्रिया में हैै। राज्य सरकार द्वारा दवाइयों की खरीद के लिए 60 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि कुल 137 दवाइयां निःशुल्क दवाइयों की सूची में शामिल हैं। Rajasthan News

चुनावों की आचार संहिता के चलते दवाइयों की उपलब्धता में कठिनाई के बावजूद पशु चिकित्सा हेतु आपातकालीन दवाइयां उपलब्ध कराई गई हैं। इससे पहले विधायक श्रीकरणपुर से कांग्रेस विधायक रूपिन्द्र सिंह कुन्नर के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में कुमावत ने बताया कि पशु चिकित्सा संस्थाओं द्वारा पशुपालकों के रोगी पशुओं के उपचार हेतु पशु चिकित्सा संस्थाओं की मांग एवं वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता अनुसार निःशुल्क औषधियां उपलब्ध कराई जाती हैं। वर्तमान में उपखंड पदमपुर एवं श्रीकरणपुर क्षेत्र की पशु चिकित्सा संस्थाओं में पशु चिकित्सा हेतु आपातकालीन औषधियां उपलब्ध हैं।

उपखण्ड पदमपुर तथा उपखण्ड श्रीकरणपुर के प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालयों में पशुओं के स्वास्थ्य की जांच के लिये पशु रोग निदान प्रयोगशाला (लैब) स्वीकृत की गई है। पशु रोग निदान कार्य के लिए वर्तमान में जिला मुख्यालय श्रीगंगानगर में एक जिला रोग निदान इकाई स्वीकृत एवं क्रियाशील है। वर्तमान में प्रत्येक पशु चिकित्सालय एवं पशु चिकित्सा उपकेन्द्र पर पशु रोग निदान प्रयोगशाला की आवश्यकता नहीं है। Rajasthan News

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