विद्यार्थियों ने समझी आधुनिक पुस्तकालय की कार्यप्रणाली

लाइब्रेरी साइंस में करियर की संभावनाओं से हुए रूबरू

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हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज़ )। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, थालड़का के कक्षा 9वीं एवं 10वीं के विद्यार्थियों ने मंगलवार को शिक्षकों के साथ श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय, हनुमानगढ़ के केन्द्रीय पुस्तकालय का शैक्षणिक भ्रमण किया। भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक पुस्तकालय की कार्यप्रणाली, पुस्तकों के व्यवस्थित प्रबंधन तथा पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के क्षेत्र में उपलब्ध शैक्षणिक एवं रोजगार संबंधी अवसरों से परिचित कराना था। श्री गुरु गोबिंद सिंह चेरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि विद्यार्थियों में पुस्तकों एवं ज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने के लिए इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण अत्यंत उपयोगी हैं।

उन्होंने कहा कि पुस्तकालय केवल पुस्तकों को रखने का स्थान नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के ज्ञान, शोध एवं व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण केन्द्र है। आधुनिक तकनीक के साथ पुस्तकालयों का स्वरूप भी निरंतर बदल रहा है और विद्यार्थियों को इन बदलावों की जानकारी होना आवश्यक है। विश्वविद्यालय के एमडी दिनेश कुमार जुनेजा ने कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ विभिन्न विषयों में उपलब्ध करियर विकल्पों की जानकारी देना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसे भ्रमण विद्यार्थियों को कक्षा से बाहर व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने का अवसर प्रदान करते हैं तथा उन्हें उच्च शिक्षा और भविष्य के करियर को लेकर जागरूक बनाने में सहायक होते हैं।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने केन्द्रीय पुस्तकालय में पुस्तकों के वर्गीकरण, सूचीकरण, रख-रखाव एवं डिजिटल पुस्तकालय व्यवस्था को नजदीक से समझा। विद्यार्थियों को बताया गया कि आधुनिक पुस्तकालयों में पुस्तकों के साथ-साथ ई-बुक्स, डिजिटल संसाधन एवं विभिन्न ऑनलाइन सूचना स्रोतों का भी उपयोग किया जाता है। विद्यार्थियों ने पुस्तकालय में उपलब्ध विभिन्न विषयों की पुस्तकों एवं अध्ययन सामग्री के बारे में जानकारी प्राप्त की और पुस्तकालय की दैनिक कार्यप्रणाली को देखा।

इस मौके पर केन्द्रीय पुस्तकालय के पुस्तकालय अध्यक्ष सुखविंद्र जीत वर्मा ने विद्यार्थियों को पुस्तकालय के महत्व, पुस्तकों के उपयोग तथा दैनिक जीवन में नियमित अध्ययन की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि पुस्तकालय विद्यार्थियों में अध्ययन की आदत विकसित करने के साथ-साथ उनकी जानकारी, कल्पनाशक्ति एवं तार्किक सोच को भी मजबूत करता है। उन्होंने विश्वविद्यालय के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष एमडी रहमान के मार्गदर्शन में संचालित डी.लिस., बी.लिस. एवं एम.लिस. पाठ्यक्रमों के बारे में भी विद्यार्थियों को जानकारी दी।

विद्यार्थियों को बताया गया कि वर्तमान डिजिटल युग में लाइब्रेरी साइंस का क्षेत्र पारंपरिक पुस्तकालयों तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल लाइब्रेरी, सूचना प्रबंधन, डॉक्यूमेंटेशन, ज्ञान प्रबंधन एवं विभिन्न सूचना केन्द्रों में भी रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं। इस दौरान विद्यार्थियों ने पाठ्यक्रमों, प्रवेश प्रक्रिया एवं करियर की संभावनाओं से संबंधित जानकारी में रुचि दिखाई और विभिन्न प्रश्न पूछे। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, थालड़का के शिक्षकों ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक होते हैं। इससे विद्यार्थियों में पुस्तकों एवं पुस्तकालय के प्रति रुचि बढ़ने के साथ-साथ उन्हें उच्च शिक्षा और भविष्य के करियर विकल्पों को समझने में भी मदद मिलती है।

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