बार संघ अध्यक्ष को धमकी मामले में दूसरे दिन भी पुलिस की कोर्ट में 'नो एंट्री'

अधिवक्ताओं का कार्य बहिष्कार जारी, न्यायालय परिसर में लगाया नाका

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Bar Association President threat case: हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)। जिला अधिवक्ता संघ एवं बार संघ हनुमानगढ़ अध्यक्ष रोहित सिंह खिच्ची को व्हाट्सएप कॉल के जरिए कथित तौर पर जान से मारने की धमकी देने के मामले में मंगलवार को दूसरे दिन भी अधिवक्ताओं का न्यायिक कार्य बहिष्कार जारी रहा। अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर में पुलिस की एंट्री बंद रखी और मुख्य पार्किंग स्थल पर नाका लगाया। बार संघ अध्यक्ष रोहित सिंह खिच्ची के अनुसार 26 सितंबर को रिछपाल खर्रा नामक व्यक्ति ने उन्हें व्हाट्सएप कॉल कर जान से मारने की धमकी दी।

कॉल के दौरान न्यायालय में विधायक गणेश राज बंसल एवं पूर्व सभापति सुमित रणवां की पैरवी छोड़ने के लिए दबाव बनाया गया और मना करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। खिच्ची के अनुसार घटना के बाद अधिवक्ता एफआईआर दर्ज करवाने की मांग को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे थे। उनका आरोप है कि उन्हें करीब दो घंटे बैठाए रखने के बाद पुलिस अधीक्षक की ओर से एफआईआर दर्ज करने से मना कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली। मामले में सीजेएम ने इस्तगासे पर पुलिस को एफआईआर दर्ज कर 24 घंटे में पालना रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए।

अधिवक्ताओं का कहना है कि आदेश के बावजूद अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। इसी के विरोध में सोमवार से न्यायिक कार्यांे का बहिष्कार किया जा रहा है। साथ ही न्यायालय परिसर में पुलिस की एंट्री पर रोक लगा दी गई है। खिच्ची के अनुसार मामले को लेकर बार कौंसिल ऑफ राजस्थान की ओर से भी पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर संज्ञान लेने तथा एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई के लिए कहा गया है। हनुमानगढ़ बार संघ ने अन्य बार संघों से भी सहयोग मांगा था। इसके बाद सोमवार को श्रीगंगानगर जिले सहित हनुमानगढ़ जिले में भी अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया। उन्होंने बताया कि दोपहर बाद होने वाली मीटिंग में आगामी रणनीति तय की जाएगी।

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