Mobile Fraud: जयपुर रेलवे स्टेशन पर मोबाइल फोन चोरी, खाते से उड़ाई 1.34 लाख की रकम

युवक ने 1930 पर दर्ज कराई साइबर ठगी की शिकायत, बाद में कार्रवाई से किया इनकार

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हनुमानगढ़। जयपुर रेलवे स्टेशन पर मोबाइल फोन चोरी होने के बाद उसके जरिए बैंक खाते से बड़ी रकम निकलने का मामला सामने आया है। पीलीबंगा के वार्ड नंबर 1 कालीबंगा निवासी 22 वर्षीय युवक मनप्रीत सिंह ने साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार उसके बैंक खाते में करीब 1.35 लाख रुपए थे, जिनमें से महज 400 रुपए ही शेष मिले।

हालांकि ऑनलाइन शिकायत में ठगी की राशि 1,03,400 रुपए बताई गई है, जबकि बैंक स्टेटमेंट के अनुसार खाते से 1,34,600 रुपए निकलने की जानकारी सामने आई है। पीलीबंगा थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ गंभीर धोखाधड़ी और संपत्ति हड़पने के आरोप संबंधी धारा के तहत मामला दर्ज किया है।

पुलिस को दी जानकारी के अनुसार मनप्रीत सिंह (22) पुत्र जगसीर सिंह निवासी वार्ड नंबर 1, कालीबंगा 17 सितंबर की रात अपने दोस्त निन्द्र सिंह के साथ ट्रेन से जयपुर गया था। 18 सितंबर की सुबह जयपुर रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद दोनों वहां बैठे थे। इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने मनप्रीत का ओप्पो कंपनी का मोबाइल फोन चोरी कर लिया। मनप्रीत के अनुसार उसके मोबाइल फोन की होम स्क्रीन पर कोई लॉक नहीं लगा था। उसने मोबाइल फोन की गैलरी में अपनी यूपीआई आईडी और पिन की फोटो भी सेव कर रखी थी। मोबाइल फोन चोरी होने के बाद उसने जयपुर रेलवे स्टेशन पर इसकी शिकायत दर्ज नहीं करवाई।

20 सितंबर को जयपुर से वापस आने के बाद मनप्रीत ने अपने एक परिचित को मोबाइल फोन चोरी की घटना बताई। परिचित की सलाह पर उसने अपना बैंक खाता बंद करवा दिया, ताकि खाते से रकम नहीं निकाली जा सके। इसके बावजूद 22 सितंबर को बैंक पहुंचने पर जब उसने खाते से पैसे निकालने चाहे तो बैंककर्मियों ने खाते में रकम नहीं होने की जानकारी दी। इसके बाद मनप्रीत ने पीलीबंगा स्थित एसबीआई शाखा से अपने खाते का स्टेटमेंट निकलवाया। स्टेटमेंट देखकर उसके होश उड़ गए। उ

सके अनुसार खाते में करीब 1,35,000 रुपए थे, लेकिन स्टेटमेंट में केवल 400 रुपए शेष मिले। इससे उसे पता चला कि खाते से बड़ी रकम निकाल ली गई है। मनप्रीत ने 22 सितंबर को अपने फोन से साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की राशि 1,03,400 रुपए दर्ज की गई थी। शिकायत में बताया गया कि घटना राजस्थान क्षेत्राधिकार में हुई तथा ऑनलाइन डर या चोट पहुंचाने की धमकी के माध्यम से धोखाधड़ी की गई। मनप्रीत ने बताया कि शिकायत में उसने अपना मोबाइल नंबर दिया था, लेकिन वह नंबर बंद होने के कारण पुलिस उससे दो दिन तक संपर्क नहीं कर सकी। बाद में पुलिस की ओर से संपर्क किए जाने पर वह 25 सितंबर को पुलिस थाना पीलीबंगा पहुंचा और पूरी घटना की जानकारी दी।

बाद में कार्रवाई नहीं चाहने की बात कही

पुलिस को दिए बयान में मनप्रीत ने कहा कि मोबाइल फोन चोरी और खाते से रकम निकलने की घटना 19 सितंबर को जयपुर में हुई थी। उसने बताया कि 1930 पर शिकायत दर्ज करवाते समय स्थायी पता पूछे जाने पर उसने पीलीबंगा का पता दिया था। मनप्रीत ने पुलिस को बताया कि वह एफआईआर नंबर 1786, पुलिस स्टेशन सेंट्रल साइबर, दिनांक 22 सितंबर में अब कोई कार्रवाई नहीं चाहता। उसने अपनी दर्ज शिकायत वापस लेने और अपनी इच्छा से मामले में आगे कोई कार्रवाई नहीं करवाने की बात कही है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मामले में शिकायतकर्ता की ओर से बाद में कार्रवाई नहीं चाहने का बयान दिया गया है। घटना में मोबाइल फोन चोरी और उसके बाद बैंक खाते से रकम निकाले जाने की परिस्थितियों को लेकर दर्ज विवरण के आधार पर जानकारी सामने आई है।

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