VC Appointment: इन विश्वविद्यालयों में नए कुलगुरुओं की नियुक्ति, राज्यपाल ने जारी किए आदेश

जानें किसे मिली कौन सी जिम्मेदारी?

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VC Appointment: जयपुर (सच कहूँ न्यूज़)। राजस्थान के तीन प्रमुख विश्वविद्यालयों में कुलगुरु पद पर नई नियुक्तियां की गई हैं। राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने राजस्थान विश्वविद्यालय, पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय और महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय में नए कुलगुरुओं की नियुक्ति के आदेश जारी किए हैं।

राज्यपाल की ओर से जारी आदेश के अनुसार डॉ. भगवती प्रसाद सारस्वत को राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर का कुलगुरु नियुक्त किया गया है। वहीं डॉ. युद्धवीर सिंह को पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय, सीकर और प्रो. नरसी राम विश्नोई को महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर का कुलगुरु बनाया गया है।

राज्य सरकार की सलाह के बाद नियुक्तियां

राजभवन की ओर से बताया गया कि इन नियुक्तियों के आदेश राज्य सरकार के परामर्श के बाद जारी किए गए हैं। तीनों विश्वविद्यालयों में कुलगुरुओं की नियुक्ति विश्वविद्यालयों के प्रशासनिक और शैक्षणिक संचालन के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नवनियुक्त कुलगुरु अपने-अपने विश्वविद्यालयों में कार्यभार संभालने के बाद शैक्षणिक गतिविधियों, प्रशासनिक व्यवस्था और विश्वविद्यालय से जुड़े अन्य कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे।

राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे द्वारा जारी आदेश के मुताबिक तीनों कुलगुरुओं की नियुक्ति कार्यभार संभालने की तारीख से तीन वर्ष की अवधि के लिए की गई है। हालांकि, यदि नियुक्त व्यक्ति तीन वर्ष की अवधि पूरी होने से पहले 70 वर्ष की आयु पूरी कर लेता है, तो उस स्थिति में नियुक्ति 70 वर्ष की आयु तक ही प्रभावी रहेगी। इस प्रकार नियुक्ति की अधिकतम अवधि निर्धारित नियमों के अनुसार तीन वर्ष या 70 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो, रहेगी।

किन विश्वविद्यालयों में किसे मिली जिम्मेदारी?

  1. राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर: डॉ. भगवती प्रसाद सारस्वत
  2. पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय, सीकर: डॉ. युद्धवीर सिंह
  3. महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर: प्रो. नरसी राम विश्नोई

राज्यपाल की ओर से आदेश जारी होने के बाद अब संबंधित विश्वविद्यालयों में नवनियुक्त कुलगुरुओं के कार्यभार ग्रहण करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इन नियुक्तियों के साथ तीनों विश्वविद्यालयों को नए शैक्षणिक नेतृत्व की जिम्मेदारी मिलेगी। कुलगुरु विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कामकाज के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और विश्वविद्यालय की नीतियों, अकादमिक गतिविधियों तथा संस्थागत विकास से जुड़े फैसलों में नेतृत्व प्रदान करते हैं।

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