Insaniyat Campaign: भाषा समझ में न आने के कारण नहीं बता पा रहा ये मानसिक विक्षिप्त युवक अपना नाम व पता

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Insaniyat Campaign: संगरिया (सच कहूँ/सुरेंद्र जग्गा)। कहते हैं जिसका कोई नहीं होता, उसका खुदा होता है। समाज में अक्सर मानसिक रूप से कमजोर लोग हंसी का पात्र बन जाते हैं या सड़कों पर बदहाली में अपनों को खोजते रहते हैं। ऐसे ही बेसहारों को सहारा देने के लिए डेरा सच्चा सौदा की इंसानियत मुहिम एक नई उम्मीद बनकर उभरी है।  Sangaria News

संगरिया में मानसिक रूप से विक्षिप्त युवक की संभाल में जुटे सेवादार

इसी कड़ी में संगरिया ब्लॉक के सेवादारों ने एक मानसिक रूप से विक्षिप्त युवक को संरक्षण देकर उसके परिजनों की तलाश शुरू की है। शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के जिम्मेवार लाल चंद इन्सां को साहुवाला धर्मशाला के पास करीब 35-36 वर्षीय एक युवक लावारिस हालत में घूमता मिला। युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और वह कुछ भी बताने में असमर्थ था। सेवादारों ने पुलिस प्रशासन को सूचना देने के बाद व्यक्ति को संगरिया के ‘मानवता भलाई केंद्र’ ले आए। केंद्र में युवक को नहला-धुलाकर नए कपड़े पहनाए गए और उसकी सेवा की जा रही है।

हालांकि, भाषा समझ में न आने के कारण युवक अभी तक अपना नाम या पता नहीं बता पाया है। सेवादार लाल चंद इन्सां, महेश गोयल, लवली गर्ग, मोनू गोयल, अमरा राम, सुखदेव, विनोद हांडा और सुरेंद्र जग्गा सोशल मीडिया और पुलिस के सहयोग से उसके परिवार का पता लगाने में जुटे हैं। सेवादारों ने कहा कि जब तक युवक के परिजनों का पता नहीं चल जाता, तब तक उसकी पूरी देखरेख मानवता भलाई केंद्र में ही करेंगे। Sangaria News

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