कैराना में लेखपालों ने सम्पूर्ण समाधान दिवस का किया बहिष्कार, प्रदर्शन

विभिन्न लंबित मांगों को लेकर लेखपालों ने तहसील मुख्यालय पर दिया धरना, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन-पत्र एडीएम शामली को सौंपा

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कैराना (सच कहूँ न्यूज़)। Kairana News: विभिन्न लंबित मांगों पर शासन एवं राजस्व परिषद स्तर से प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से क्षुब्ध लेखपालों ने सम्पूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार करके धरना-प्रदर्शन किया है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन-पत्र एडीएम शामली सत्येंद्र कुमार सिंह को सौंपा है। साथ ही, मांगे पूरी न होने पर आगामी 17 अक्टूबर से सम्पूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी गई है। शनिवार को एडीएम को दिए गए ज्ञापन-पत्र में बताया गया है कि राजस्व अभिलेखों के अद्यतन, वरासत, नामांतरण, पैमाइश, ई-गवर्नेंस, आपदा प्रबंधन और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं समेत अनेक शासकीय कार्यों का दायित्व लेखपालों के ऊपर है।

निरन्तर बढ़ते कार्यभार के बावजूद स्थानांतरण, पदोन्नति, वेतन विसंगति और संसाधनों से जुड़ी मांगें लंबे समय से लंबित हैं। मांगों के संबंध में विगत दो अगस्त को कार्यवृत्त जारी हो चुका है, जिसके बाद भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। लेखपालों ने अंतर्मंडलीय स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल पुनः खोलने, चयन वर्ष 2025-26 की लंबित पदोन्नति सूची जारी करने तथा नवनियुक्त लेखपालों की विभागीय प्रशिक्षण परीक्षा के परिणाम एवं प्रमाण-पत्र घोषित करने की मांग की है। इसके अलावा, लेखपाल संवर्ग का प्रारंभिक वेतनमान लेवल-5 (ग्रेड पे 2800) करने और वेतन विसंगति दूर करने की मांग उठाई गई है। पत्र में ऑनलाइन एवं तकनीकी कार्यों का हवाला देते हुए लेखपाल पद को तकनीकी घोषित करने तथा बेहतर क्षमता के लैपटॉप और मोबाइल उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।

लेखपालों ने चेताया कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो वह व्यापक आंदोलन को विवश होंगे। ऑनलाइन कार्यों के बहिष्कार समेत अन्य कदम भी उठाए जा सकते है। कैराना तहसील मुख्यालय पर तैनात लेखपाल विगत 22 सितंबर से अतिरिक्त हलकों का बहिष्कार कर चुके है, जिनके रिकार्ड-दस्तावेज राजस्व निरीक्षक कार्यालय में जमा कर दिए गए है। कैराना तहसील में करीब दस सर्किल ऐसे है, जिनमें फिलहाल कोई तैनाती नही है। इस कारण राजस्व से जुड़े कार्य पेंडिंग में है। पत्र में मांगे पूरी न होने पर आगामी 17 अक्टूबर से सम्पूर्ण कार्य बहिष्कार की भी चेतावनी दी गई है। इस दौरान उत्तर-प्रदेश लेखपाल संघ के शामली जिलाध्यक्ष मिंटू कुमार, लवकेश तंवर, अंकित गुलियां, विजित पंवार, मुज्जकिर खान, मनोज कुमार, शमशेर सिंह आदि मौजूद रहे। 

 

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