शिक्षा और रोजगार
राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज होने तक जारी रहेगा किसानों का धरना
राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज होने तक जारी रहेगा किसानों का धरना
गाजियाबाद (सच कहूँ/रविंद्र सिंह)। देश की राजधानी दिल्ली से सटे इंदिरापुरम क्षेत्र के कनावनी गांव में किसानों का अपनी जमीन और राजस्व अधिकारों की बहाली की मांग को लेकर चल रहा धरना सोमवार को 28 वें दिन भी जारी रहा। किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक राजस्व अभिलेखों और खतौनियों में उनके नाम दोबारा दर्ज नहीं किए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। धरने पर बैठे किसानों का कहना है कि प्राधिकरण द्वारा राजस्व अभिलेखों और खतौनियों में किसानों की जमीन पर अपना नाम दर्ज कराया गया है। किसानों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित समय-सीमा में अवॉर्ड नहीं बनाया गया।
निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद न्यायालय के आदेश के अनुसार प्राधिकरण के अधिकार समाप्त हो चुके हैं। ऐसे में किसानों की मांग है कि राजस्व रिकॉर्ड में उनके नाम पुनः बहाल किए जाएं। किसानों ने कहा कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण और संगठित तरीके से चलाया जा रहा है। चार सप्ताह से अधिक समय से किसान धरना स्थल पर डटे हैं और मांग पूरी होने तक पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।धरना स्थल पर आसपास के गांवों के अलावा अन्य क्षेत्रों से भी लोग पहुंचे और किसानों के आंदोलन को समर्थन दिया। बागपत से प्रताप सिंह और दौसा से सतवीर सिंह समेत कई लोगों ने धरने में पहुंचकर किसानों की मांगों के प्रति एकजुटता जताई। इस दौरान मथन सिंह नागर, श्रीचंद नागर, राजेंद्र सिंह नागर, रणवीर बैसला, धनेश्वर शर्मा, करण सिंह नागर, गजेंद्र सिंह नागर, दीपचंद नागर, विनोद नागर, सतीश नागर, परवीन नागर और अशोक कसाना समेत बड़ी संख्या में किसान एवं ग्रामीण मौजूद रहे।