अगले वर्ष की दूसरी छमाही में निर्यात में सुधार संभव: फियो

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अर्थव्यवस्था: भारतीय निर्यातकों के आर्डर बुक की स्थिति मजबूत और बाजार में पूंजी की उपलब्धता बढ़ी है (Fio)

  • भारतीय निर्यात में 15 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय निर्यातक महासंघ (फियो) के अध्यक्ष शरद कुमार सराफ (Fio)  ने सोमवार को कहा कि वर्ष 2020 के मध्य तक भारतीय निर्यात में सुधार के संकेत हैं। सराफ ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के आयात में वृद्धि होने से भारतीय निर्यात में तेजी आती है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में उथल पुथल बनी हुई और प्रमुख अर्थव्यवस्थायें संरक्षणवादी उपाय कर रही है जिसका वैश्विक आयात पर बुरा असर पड़ रहा है। इससे विदेश व्यापार में अनिश्चितता बन हुई है। उन्होंने कहा कि भारतीय निर्यातकों के आर्डर बुक की स्थिति मजबूत है और बाजार में पूंजी की उपलब्धता बढ़ रही है। बुनियादी ढ़ांचे और मालवहन व्यवस्था में सुधार से भारतीय निर्यात अंतर्राष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बनेगा।

  • वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार होने से वर्ष 2020 की दूसरी तिमाही में भारतीय निर्यात में मजबूती आएगी।
  • इस अवधि में भारतीय निर्यात में 15 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है।

भारत से उच्च प्रौद्योगिकी उत्पादों का निर्यात मात्र 20 अरब डालर

फियो अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय निर्यात को अंतर्राष्ट्रीय बाजार की मांग के अनुरूप बदलाव करने होंगे। वैश्विक व्यापार में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी इलेक्ट्रीकल, इलेक्ट्रोनिक्स, आटो, मशीनरी, पेट्रोलियम और प्लास्टिक उत्पादों की है। दुर्भाग्य से भारतीय निर्यात में इन उत्पादों की हिस्सेदारी 33 प्रतिशत से भी कम है। वैश्विक स्तर पर भारतीय हिस्सेदारी एक प्रतिशत से भी कम है। उन्होंने कहा कि भारत से उच्च प्रौद्योगिकी उत्पादों का निर्यात मात्र 20 अरब डालर है जबकि मलेशिया का 90 अरब डालर, सिंगापुर का अरब 155 डालर, दक्षिण कोरिया का 192 अरब डालर, अमेरिका का 192 अरब डालर और चीन का 652 अरब डालर है। भारत को मानव श्रम आधारित आधारित उत्पादों के साथ साथ उच्च प्रौद्योगिकी की ओर भी ध्यान देना चाहिए।

 

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