कैराना में अतिक्रमण पर नगरपालिका में जमकर हंगामा, बाद में बनी सहमति

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पालिका ईओ व व्यापारियों ने एक-दूसरे पर लगाए हठधर्मिता व स्तरहीन राजनीति के आरोप

Municipality Kairana: कैराना। कैराना में अतिक्रमण को लेकर पालिका कार्यालय में हंगामा हो गया। व्यापारियों व अधिशासी अधिकारी ने एक दूसरे पर हठधर्मिता व स्तरहीन राजनीति करने के आरोप लगाए है। हालांकि बाद में पालिका प्रशासन व व्यापारियों के बीच नियमानुसार अतिक्रमण हटाए जाने पर सहमति बन गई। बुधवार को नगरपालिका परिषद कार्यालय पर पालिका प्रशासन व व्यापारियों के मध्य अतिक्रमण को लेकर बैठक आहूत की गई थी। ईओ कार्यालय में बैठक चल रही थी, जिसमें अधिशासी अधिकारी समीर कश्यप व उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के नगराध्यक्ष विपुल जैन तथा पश्चिमी उत्तर-प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के नगराध्यक्ष प्रदीप गोयल समेत अन्य पदाधिकारी व व्यापारीगण मौजूद थे। Kairana News

व्यापारियों ने नगरपालिका द्वारा पांच दिन पूर्व कस्बे के बाजारों में अतिक्रमण के खिलाफ की गई कार्यवाही के तरीके पर आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने नगरपालिका की कार्यवाही को विवेकहीन व अनुचित बताया। इस पर ईओ ने शासन के निर्देश के अनुपालन में अतिक्रमण हटाए जाने की बात कही। इसी बीच व्यापारियों व ईओ के बीच हॉट टॉक हो गई। इसके बाद ईओ कार्यालय में मौजूद व्यापारियों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। उन्होंने ईओ पर व्यापारियों के उत्पीड़न, हठधर्मिता व दादागिरी के आरोप लगाए। वहीं, ईओ ने भी व्यापारियों पर अनावश्यक दबाव बनाने, स्तरहीन राजनीति तथा मनमानी करने की बात कही। नगरपालिका कर्मचारियों व अन्य व्यापारियों के हस्तक्षेप के पश्चात दोनों पक्ष शांत हो गए।

इसके पश्चात, पालिका के सभागार कक्ष में व्यापारियों व पालिका प्रशासन के बीच फिर से वार्ता शुरू हुई, जिसमें अतिक्रमण पर नियमानुसार कार्यवाही किये जाने पर सहमति बन गई। विदित रहे कि विगत शुक्रवार को नगरपालिका व तहसील प्रशासन के द्वारा कस्बे के चौक बाजार में जेसीबी मशीन से अतिक्रमण के खिलाफ कार्यवाही की गई थी, जिसका व्यापारियों के द्वारा भारी विरोध किया गया। बाद में व्यापारियों के विरोध के चलते अतिक्रमण के खिलाफ अभियान को रोकना पड़ा और टीम वापिस लौट गई थी।

पालिका प्रशासन द्वारा बाजारों में खींची जाएगी लक्ष्मण रेखा | Kairana News

बैठक के दौरान तय हुआ कि पालिका द्वारा बाजारों में दुकानों के सामने एक लक्ष्मण रेखा खींची जाएगी, जिसकी हद में ही व्यापारी अपना सामान रख सकेंगे। लक्ष्मण रेखा से बाहर रखा सामान अतिक्रमण के दायरे में आएगा। इसके अलावा, जिस व्यापारी ने अपनी दुकान के सामने लोहे का डबल जाल लगा रखा है, उसमें से एक जाल को हटाया जाएगा। वहीं, दुकानों के सामने अनाधिकृत रूप से लगने वाली रेहड़ी-ठेली, ई-रिक्शाओं तथा चौपहिया वाहनों के बाजारों में अनावश्यक आवागमन पर रोक लगाए जाने हेतु पुलिस-प्रशासन से कार्यवाही के लिए कहा जायेगा।

अतिक्रमण पर चर्चा को लेकर व्यापारियों के साथ में बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में कुछ ऐसे लोग मौजूद थे, जिनका व्यापार अथवा व्यापारियों से कोई सम्बन्ध ही नही है। वह केवल अपनी राजनीति चमकाने व माहौल खराब करने के लिए बैठक में आए थे। उन्होंने ही व्यापारियों को बिना वजह हंगामे के लिए उकसाया है। शासन के निर्देशों पर अतिक्रमण के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है। यह भविष्य में भी जारी रहेगी।
-समीर कश्यप, ईओ नगरपालिका परिषद कैराना।

नगरपालिका के ईओ दादागिरी व हठधर्मिता पर उतर आए है। बैठक के दौरान उनकी भाषा शैली पूरी तरह अमर्यादित थी। नाले की साफ-सफाई को ध्यान में रखते हुए व्यापारियों के द्वारा अपने संस्थानों के सामने लोहे के फोल्ड होने वाले जाल लगवा रखे है। पालिका प्रशासन उसे भी अतिक्रमण बता रहा है, जबकि यह जाल पूर्व में तहसील व पालिका प्रशासन की सहमति के बाद लगवाए गए थे।
-विपुल कुमार जैन,अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल कैराना।

पालिका प्रशासन ने पांच दिन पूर्व बिना किसी नोटिस सूचना के ही बुलडोजर से कार्यवाही करके बाजार में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया था, जिससे व्यापारियों में एक प्रकार का भय पैदा हो गया था। नगरपालिका द्वारा की गई कार्यवाही का तरीका पूरी तरह से अनुचित था, जिसे लेकर व्यापारियों में आक्रोश व्यापत है। वह अतिक्रमण के पक्ष में नही है, परन्तु व्यापारी हित को ध्यान में रखकर नियमानुसार कार्यवाही की जानी चाहिए।
– प्रदीप गोयल, नगराध्यक्ष पश्चिमी उत्तर-प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल कैराना। Kairana News

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