वाशिंगटन स्थित वेनेजुएला के दूतावास में घुसे अमेरिकी अधिकारी

Published On

वाशिंगटन (एजेंसी)

अमेरिकी अधिकारियों ने वाशिंगटन स्थित वेनेजुएला के दूतावास में प्रवेश कर लिया है जहां अमेरिकी कार्यकर्ता कई सप्ताहों से डटे हुए हैं। यह कार्यकर्ता वेनेजुएला के विपक्षी नेता जुआन गुआइदो के समर्थकों को दूतावास की इमारत पर कब्जा करने से रोक रहे हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक बड़ी संख्या में पत्रकार और सैकड़ों लोग दूतावास के बाहर मौजूद हैं। वेनेजुएला के कुछ लोग स्पैनिश में गीत गा रहे हैं। तावास के भीतर मौजूद अमेरिकी अधिकारी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर सकते हैं। दूतावास के भीतर और बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है, स्थिति अभी शांतिपूर्ण बनी हुई है।

वेनेजुएला में मौजूदा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए अमेरिका ने उस पर कई प्रकार के प्रतिबंध लगाने के अलावा कहा है कि वह सैन्य विकल्प पर विचार कर रहा है। नेशनल असेंबली के अध्यक्ष एवं विपक्ष के नेता जुआन गुआइदो ने 23 जनवरी को इन विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व करने के साथ ही स्वयं को देश का अंतरिम राष्ट्रपति घोषित किया था।विपक्षी नेता जुआन गुआइदो ने 30 अप्रैल को काराकस के ला कारलोटा सैन्य अड्डे से एक विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए वेनेजुएला की सेना और लोगों से सड़कों पर उतर कर माैजूदा राष्ट्रपति मादुरो को सत्ता से बेदखल करने का आह्वान किया था।

अमेरिका के अलावा अब तक कनाडा, अर्जेंटीना, ब्राजील, चिली, कोलंबिया, कोस्टा रिका, ग्वाटेमाला, होंडुरास, पनामा, पैराग्वे और पेरू समेत 54 देशों ने विपक्ष के नेता जुआन गुआइदो को वेनेजुएला के अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में मान्यता देने की घोषणा की है। उल्लेखनीय है कि वेनेजुएला में हजारों लोग मौजूदा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इन विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व श्री गुआइदो कर रहे हैं। जनवरी की शुरुआत में मादुरो ने राष्ट्रपति के तौर पर अपने दूसरे कार्यकाल की शपथ ली थी।

हाल में संपन्न हुए चुनावों में उन पर गड़बड़ी करने के आरोप लगे थे। मादुरो के नेतृत्व में कई वर्षों से वेनेजुएला गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। बढ़ती कीमतों के अलावा खाने-पीने और दवाईयों की कमी के कारण लाखों लोगों ने वेनेजुएला से पलायन भी किया है। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक वेनेजुएला के 27 लाख लोगों ने लैटिन अमेरिकी और कैरेबियाई देशों में शरण ली हुई है। मौजूदा राष्ट्रपति मादुरो ने श्री गुआइदो पर अमेरिका की मदद से उन्हें सत्ता से बाहर करने के लिए साजिश रचने का आरोप लगाया है। मादुरो को चीन तथा रूस खुल कर अपना समर्थन दे रहे हैं।

Hindi News से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।

About The Author

Related Posts