Editorial Heritage should not be considered junk

सम्पादकीय : विरासत को कबाड़ न समझा जाए

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हमें इस मानसिकता से बाहर ...
Welcome to the new year with open mind and new resolution

खुले मन और नये संकल्प से करें नये साल का स्वागत

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पुराना जाएगा तो नया आएगा।...
Leaders

नेता सुनें अन्यथा जनता नहीं सुनने वाली

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भाजपा दिल्ली का विधानसभा ...
Gold mine, still not recognized

सोने की खान, फिर भी नहीं बनी पहचान

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भारत दुनिया की एक बड़ी मंडी है। अमेरिका, चीन सहित अन्य बहुत सारे देश अपना सामान बेचने के लिए भारत की तरफ देखते हैं। पर आम भारतियों में अभी अपने आप को ‘सोन देश’ के वासी होने का अहसास नहीं है।
Politics, The, Riots

दंगों पर न हो राजनीति

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आखिर 34 वर्ष के बाद 1984 ...
national artists

राष्ट्रीय कलाकारों की दुर्दशा क्यों

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यह भी बात नहीं कि देश में कला की संभाल के लिए कोई मार्गदर्शक इतिहास नहीं है। प्राचीन से लेकर मध्यकाल तक कलाकारों/साहित्यकारों को समय के शासकों द्वारा जागीरें देकर सम्मान देने की परंपरा रही है तब पुरुस्कार कम व आवश्यकता की वस्तु जैसे पैसे व जायदाद को अधिक महत्व दिया जाता था।

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