सेना के कुछ जनरलों ने किया था कारगिल युद्ध : नवाज शरीफ

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इमरान सरकार के खिलाफ रैली को किया सम्बोधित

लंदन (एजेंसी)। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने दावा किया है कि 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान देश की सेना के पास पर्याप्त हथियार नहीं थे और केवल सेना के कुछ अधिकारियों के आदेश पर सैनिकों को युद्ध के लिए चोटियों पर भेजा गया। नवाज शरीफ ने पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि सेना का इस्तेमाल कुछ जनरलों ने अपने निजी लाभ के लिए किया। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के सुप्रीमो ने सरकार के खिलाफ 11 राजनीतिक दलों की ओर से आयोजित रैली को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये संबोधित करते हुए यह बात कही।

पाकिस्तान की दुनियाभर में हुई बदनामी

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, ‘कारगिल युद्ध की शुरूआत करने से पाकिस्तान की दुनियाभर में बदनामी हुई। इस युद्ध में हमारे बहादुर सैनिक मारे गए। युद्ध की शुरूआत सेना की ओर से नहीं बल्कि कुछ जनरलों की ओर से की गयी। इन जनरलों ने सेना ही नहीं बल्कि पूरे देश और समुदाय को ही एक युद्ध में झोंक दिया। युद्ध से कुछ भी हासिल नहीं हुआ।

कारगिल युद्ध में सैनिकों के पास हथियार नहीं थे

नवाज शरीफ ने कहा कि देश के बहादुर सैनिकों को बिना पर्याप्त हथियार और भोजन के युद्ध के लिए चोटियों पर भेज दिया गया। उनके पास हथियार नहीं थे। सैनिकों ने अपनी जिंदगी दाव पर लगाई, लेकिन उससे देश और समुदाय को क्या हासिल हुआ। सेना के इन जनरलों ने अपने कृत्यों को छिपाने के लिए 12 अक्टूबर 1999 को तख्तापलट कर देश में मार्शल लॉ लागू कर दिया।

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