आ जा ईब परमानेंट ओ बाबू…
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ईसी मस्त-मस्त मुस्कान
के मायूस दिलां मै फूक दे जान
चेहरा नूरो-नूर नूरानी
अंदर दिखै हामनै भगवान
म्हारे खुशियां के संसार की
तेरे तै ही विशेष पहचान
आ जा ईब परमानेंट ओ बाबू
करा दे सब नै भले-बुरे का ज्ञान

156 मानवता के कार्य
म्हारी खातिर सै वरदान
मानवता की सेवा करकै
बना रहे हामनै भी महान
रूठ्या सै किस बात पै म्हार तै
क्यूं बन बैठ्या सै अनजान
बेरंग सी लागै या जिंदगी
परमानेंट आण का भेज दे पैगाम-2
MSG
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