mother’s day: मातृ शक्ति को प्रणाम, नमन

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सबसे पहले मातृ शक्ति को प्रणाम, नमन। ये ऐसा दिन होता है, जो हमें अपनी माँ के प्रति आभार प्रकट करने का मौक़ा देता है
🙏 उस माँ के लिए कोई एक दिन क्या करें समर्पित, जो आठों पहर अपने बच्चे की हर बला अपने सिर पर लेने को तैयार रहती हो ।
👍सभी माओं की यही है परिभाषा, सुखी रहे बच्चे हमारे , यही है सबसे बड़ी आशा
👍नाराज़ होने के बाद भी प्यार लुटाये , वो माँ होती है
👍हमे जीताने के लिए खुद हार जाय , वो माँ होती है
👍तेरे फुक मारने से दर्द हवा हो जाय , वो माँ होती है
👍जब ज़िंदगी की धूप जलाती है , तो माँ याद आती है , कुछ बाते, जब अनकही रह जाए , तो माँ याद आती है
👍जब दर्द होता है तो माँ याद आती है , जब अकेलापन सताता है , तो माँ याद आती है ।
👍माँ , बच्चे में ख़ास रिश्ता , जहां अपनी बात कहने के लिए शब्दों की ज़रूरत नहीं पढ़ती। माँ खुद ब खुद समझ जाती है।
👍तेरी थपकी, तेरी लोरी, तुजसे लिपटू, तुझे चूंमू, तेरे स्पर्श मैं क्या राज छुपा था , बस वो राज बता दे माँ ।
👍बिना किसी अपेक्षा और उम्मीद के बस माँ ही प्यार करती है।

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