ड्रोन हमले के बाद बंद किया ईरान बॉर्डर से लगा रूट अजरबैजान ने फिर खोला

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बाकू। अजरबैजान ने ईरान के साथ अपनी जमीनी सीमा को एक बार फिर माल ढुलाई के लिए खोलने का निर्णय लिया है। रूसी समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह सीमा कुछ दिन पहले सुरक्षा कारणों से बंद कर दी गई थी। अब स्थिति सामान्य होने के बाद कार्गो परिवहन को दोबारा शुरू कर दिया गया है। Azerbaijan News

पिछले सप्ताह अजरबैजान सरकार ने दावा किया था कि नखचिवन स्वायत्त गणराज्य में संदिग्ध ड्रोन हमले की घटना सामने आई है। इसी कारण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीमा पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया था। नखचिवन अजरबैजान का एक अलग भूभाग है, जो भौगोलिक रूप से देश के मुख्य हिस्से से अलग स्थित है और ईरान के रास्ते रूस सहित अन्य सहयोगी क्षेत्रों से संपर्क बनाए रखता है। इसे सबसे छोटे जमीनी मार्गों में से एक माना जाता है।

घटना के बाद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव से फोन पर बातचीत की। अजरबैजान के राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, ईरानी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि नखचिवन में हुई घटना में तेहरान की कोई भूमिका नहीं है और इस मामले की जांच की जा रही है।

इससे पहले 5 मार्च को अजरबैजान के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया था कि एक ड्रोन ने नखचिवन क्षेत्र के हवाई अड्डे की टर्मिनल इमारत को निशाना बनाया, जबकि दूसरा ड्रोन शकराबाद गांव के पास स्थित एक स्कूल के निकट गिरा। हालांकि इन घटनाओं से सीमित नुकसान की सूचना मिली थी, लेकिन सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी। Azerbaijan News

अजरबैजान सरकार ने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन के रूप में देखा था

अजरबैजान सरकार ने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन के रूप में देखा था और ईरान से मामले की स्पष्ट जानकारी देने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की थी। इसके साथ ही अजरबैजान ने यह भी कहा था कि वह अपने हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखता है। घटना के बाद ईरान के राजदूत को भी तलब कर इस मुद्दे पर औपचारिक विरोध दर्ज कराया गया था।

क्षेत्रीय राजनीति की दृष्टि से अजरबैजान ने मध्य-पूर्व के मौजूदा संघर्षों में अपेक्षाकृत तटस्थ रुख बनाए रखने की कोशिश की है। हालांकि हाल के वर्षों में उसने इजरायल और अमेरिकी नेतृत्व के साथ अपने संबंधों को मजबूत किया है, जबकि काकेशस क्षेत्र में पारंपरिक सहयोगी रहे रूस के साथ उसके संबंधों में कुछ दूरी देखी जा रही है।

अजरबैजान में फिलहाल किसी भी अमेरिकी सैन्य अड्डे की मौजूदगी नहीं है। वहीं ईरान और अजरबैजान के बीच सांस्कृतिक और धार्मिक संबंध भी गहरे माने जाते हैं, क्योंकि दोनों देशों में शिया मुस्लिम आबादी बहुसंख्यक है। इसके अलावा ईरान में बड़ी संख्या में अजेरी मूल के लोग रहते हैं, जिनकी अनुमानित संख्या डेढ़ से दो करोड़ के बीच बताई जाती है। इनमें से कई लोग ईरान के उत्तर-पश्चिमी प्रांतों में अजरबैजान की सीमा के आसपास बसे हुए हैं। Azerbaijan News

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