यूपीः गोकशी के शक में हिंसा, इस्पेक्टर को भीड़ ने मार डाला
चौकी को फूंकने के साथ पुलिस पर भी हमला किया
ग्रेटर नोएड(एंजेसी)। बुलंदशहर में सोमवार को गोकशी के खिलाफ लोगों का गुस्सा इतना चरम पर आ गया कि इन लोगों ने कानून हाथ में ले लिया (Inspector Subodh Kumar killed by the crowd) । चौकी को फूंकने के साथ पुलिस पर भी हमला किया गय। इसमें एक इंस्पेक्टर सुबोध कुमार ने जान गंवा दी जबकि दारोगा के साथ आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल हैं। पथराव में गंभीर रूप से घायल युवक सुमित ने भी दम तोड़ दिया।ग्रेटर नोएडा में तैनात रहे
इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के बैचमेट ने बताया कि सुबोध का परिवार ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित गौर सिटी सोसायटी में रहता है। उनके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा श्रेय दिल्ली में रहकर सिविल सर्विस की तैयारी कर रहा है, वह बीएससी कर चुका है।छोटा बेटा नोएडा के एक स्कूल से 12वीं की पढ़ाई कर रहा है। इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह ग्रेटर नोएडा की जारचा, बादलपुर और दादरी कोतवाली के प्रभारी रह चुके थे।
सुबोध ने कई बार छुड़ाए थे बदमाशों के छक्के
बुलंदशहर के स्याना में गोकशी के बाद भीड़ की हिंसा के शिकार हुए इंस्पेक्टर सुबोध राठौर बहादुर थे। तीन बार बदमाशों से मोर्चा लेते हुए वे घायल भी हुए। एक बार मेरठ में बदमाशों से मुठभेड़ में उन्हें गोली भी लगी थी। इंस्पेक्टर सुबोध जैथरा क्षेत्र के गांव तरिगवां के मूल निवासी थे। उनके पिता स्व. रामप्रताप सिंह कांस्टेबल थे, ड्यूटी के दौरान उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद सुबोध ने पुलिस महकमे में मृतक आश्रित में नौकरी पाई। बड़े भाई अतुल राठौर सपरिवार दिल्ली में रहते हैं।
- सुबोध कुमार सिंह वर्तमान में बुलंदशहर में कोतवाल थे और 28 सितंबर 2015 को हुए बिसाहड़ा कांड के पहले जांच अधिकारी रहे थे।
- बता दें कि बिसाहड़ा में तीन साल पहले गोहत्या की सूचना पर हुई इकलाख की हत्या हो गई थी।
- सुबोध कुमार ने दस आरोपितों को दूसरे दिन ही गिरफ्तार कर लिया था।
- सुबोध कुमार के पिता भी उत्तर प्रदेश पुलिस में थे। सुबोध के पिता की मौत ट्रेन में बदमाशों से हुई मुठभेड़ के दौरान हुई थी।
इंस्पेक्टर के परिजनों को 50 लाख देने की घोषणा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुलंदशहर की घटना में दिवंगत पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के परिजनों को 50 लाख रुपये देने की घोषणा की है। उनकी पत्नी को 40 लाख रुपये तथा माता-पिता को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने दिवंगत इंस्पेक्टर के आश्रित परिवार को असाधारण पेंशन तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा भी की है।
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