अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।
Get a better experience with our app
Tap Share → Add to Home Screen.
मुंबई। अडानी ग्रुप की कंपनियों में 43,500 करोड़ रुपये का निवेश करने वाले तीन विदेशी फंडों पर नेशनल सिक्यूरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड ने रोक लगा दी है। जैसे ही ये खबर फैली तो शेयर बाजार में अडानी ग्रुप के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर 15 फीसदी, अडानी पोर्ट्स ऐंड इकोनॉमिक जोन 14 फीसदी, अडानी पावर 5 फीसदी, अडानी ट्रांसमिशन 5 फीसदी, अडानी ग्रीन एनर्जी 5 फीसदी, अडानी टोटल गैस 5 फीसदी टूट गए। हालांकि इस पर अडानी ग्रुप की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
नेशनल सिक्यूरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड ने अलबुला इनवेस्टमेंट फंड, क्रेस्टा फंड और एपीएमएस इनवेस्टमेंट फंड के खाते फ्रीज कर दिए। डिपॉजिटरी की वेबसाइट पर बताया गया है कि ये खाते 31 मई या उससे पूर्व फ्रीज किए गए। एक रिपोर्ट के अनुसार ओनरशिप के बारे में पूरी जानकारी न देने के चलते यह कार्रवाई हुई। अकाउंट फ्रीज होने का मतलब यह है कि ये फंड अब न तो अपने खाते के शेयर बेच सकते हैं और न ही नए शेयर खरीद सकते हैं।
गौरतलब है कि अलबुला इनवेस्टमेंट फंड, क्रेस्टा फंड और एपीएमएस इनवेस्टमेंट फंड मॉरीशस के हैं और सेबी में इन्हें विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक के रूप में रजिस्टर्ड किया है। तीनों का संयुक्त रूप से अडानी एंटरप्राइजेज में 6.82 फीसदी, अडानी ट्रांसमिशन में 8.03 फीसदी, अडानी टोटल गैस में 5.92 फीसदी और अडानी ग्रीन में 3.58 फीसदी का निवेश है।