…तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की मौत हो गई होती : ट्रंप

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वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अपने संबोधन में यह दावा दोहराया कि उनके नेतृत्व में अमेरिका ने कई अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को समाप्त कराने में सक्रिय भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल के प्रारंभिक महीनों में आठ प्रमुख विवादों में मध्यस्थता या हस्तक्षेप के माध्यम से तनाव कम किया गया। Donald Trump

व्हाइट हाउस में दिए गए संबोधन के दौरान ट्रंप ने कहा कि यदि दक्षिण एशिया में भारत द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के समय अमेरिका ने हस्तक्षेप न किया होता, तो स्थिति अत्यंत गंभीर हो सकती थी। उनके अनुसार, संभावित परमाणु टकराव की आशंका व्यक्त की जा रही थी। उन्होंने अपने वक्तव्य में कंबोडिया–थाईलैंड, कोसोवो–सर्बिया, इज़राइल–ईरान, मिस्र–इथियोपिया, आर्मेनिया–अज़रबैजान, कांगो–रवांडा तथा गाज़ा क्षेत्र से जुड़े संघर्षों का भी उल्लेख किया और दावा किया कि इन मामलों में अमेरिकी प्रयासों से तनाव कम हुआ।

एक वर्ष के भीतर अमेरिका ने उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने नेतृत्व को “ऐतिहासिक परिवर्तन” की संज्ञा देते हुए कहा कि एक वर्ष के भीतर अमेरिका ने उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने कांग्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि देश अब उस स्थिति में वापस नहीं जाएगा, जहां वह पहले था। उन्होंने अमेरिका के संस्थापक आदर्शों—जीवन, स्वतंत्रता और सुख की प्राप्ति के अधिकार—का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान पीढ़ी का दायित्व है कि वह इन मूल्यों की रक्षा करे।

आर्थिक मोर्चे पर ट्रंप ने घरेलू उद्योग, निवेश और रोजगार में वृद्धि का अनुमान व्यक्त किया। उनका कहना था कि आने वाले समय में कारखाने, रोजगार और पूंजी निवेश की धारा अमेरिका की ओर निरंतर प्रवाहित होती रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी प्राथमिकता अमेरिकी नागरिकों के हितों को सर्वोपरि रखना है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह संबोधन अवधि की दृष्टि से भी उल्लेखनीय रहा और इसे हाल के वर्षों के सबसे विस्तृत भाषणों में गिना जा रहा है। Donald Trump

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