Hair Care: उम्र बढ़ने के साथ क्‍यों गंजे होने लगते हैं मर्द? पुरुषों में गंजेपन की ये हैं 5 बड़ी वजह, जानें इसका व‍िज्ञान

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Hair Care: आज के दौर में पुरुषों में गंजापन एक ऐसी परेशानी बनती जा रही है, जो हमेशा ही देखने को मिलती है। वहीं उम्र के साथ बालों का झड़ना या धीरे-धीरे गंजा होना, मर्दों के बीच एक बड़ी परेशानी बन चुकी है, लेकिन आजकल बहुत ही कम उम्र में भी पुरुषों में ये मेल पैटर्न बाल्डनेस देखने को मिलती है। इस समस्या पर गौर करते हुए मुंबई के प्रसिद्ध एस्थेटिक मेडिसिन फेलो और स्किन स्पेशलिस्ट, ट्राइकोलॉजिस्ट और हेयर ट्रांसप्लांट सर्जन डॉक्टर योगेश कल्याणपद बताया कि मेल पैटर्न बाल्डनेस को मेडिकल साइंस की भाषा में एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया भी कहा जाता है। इस कंडिशन में पुरुषों के बाल धीरे-धीरे झड़ने लगते हैं।
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वहीं उन्होंने इसे बालों के झड़ने का सबसे आम कारण बताया है, वहीं उन्होंने बताया कि मर्दों के बाद झड़ने का प्रमुख कारण जेनेटिक ट्रेंड और हार्मोन डायहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन के प्रभाव का आपस में एक-साथ होना माना जाता है। इसके साथ-साथ की अन्य कारण भी है, जो पुरुषों के गंजेपन का कारण बन सकतें हैं। इनके बारे में आपको विस्तार से बताते हैं।
मर्द क्यों होने लगते हैं गंजे

जेनेटिक कारण/(आनुवांशिकता):- गंजेपन का सबसे सामान्य कारण आनुवांशिकता है। यह ”एंड्रोजेनेटिक अलोपेसिया” के नाम से जाना जाता है, जो मुख्य रूप से परिवार में पुरुषों में गंजेपन के इतिहास से संबंधित होता है। यह स्थिति तब होती, जब टेस्टोस्टेरोन हार्मोन बालों के रोम को प्रभावित करता है, जिससे बाल झडने लगते हैं।

हार्मोनल परिवर्तन:- हार्मोनल डिसबैलेंस आपके शरीर में कई परेशानियों की वजह बन सकता है और उनमें से एक है गंजापन, मर्दों में टेस्टोस्टेरोन के स्तर में वृद्धि या कमी, या अन्य हार्मोनल परिवर्तनों के कारण बालों का झड़ना हो सकता है। इस प्रकार का गंजापन उम्र बढ़ने के साथ सामान्य रूप से होता है।

तनाव और मानसिक दबाव:- आजकल के दौर में हम जैसी जीवनशैली जी रहे हैं, वह भी बालों की ग्रोथ पर असर डालती है,अत्यधिक तनाव या मानसिक दबाव बालों के झड़ने का कारण बन सकता है। तनाव के कारण बालों की विकास प्रक्रिया में रुकावट आ सकती है, जिससे असामान्य रूप से बाल झड़ने लगते हैं। यह स्थिति ”टेलोजन एफ्लुवियम” कहलाती है, जिसमें अचानक बड़ी संख्या में बाल झड़ने लगते हैं।
आहार और पोषण की कमी:- विटामिन और मिनरल्स की कमी , जैसे कि आयरन, जिंक, विटामिन डी और बी12, बालों के झड़ने का कारण बन सकती है। इन पोषण तत्वों की कमी से बालों का स्वास्थ्य प्रभावित होता है और बोल जल्दी झड़ने लगते हैं।
मेडिकल कंडीशन और दवाईयां:- वहीं कुछ हेल्थ कंडीशन जैसे कि थायरोइड डिसऑर्डर, हाई ब्लड प्रेशर, डिप्रेशन, डायबिटीज, और अन्य लंबी बीमारी भी बालों के झड़ने का कारण बन सकती है। इसके अलावा कुछ दवाइयों (जैसे की कीमोथेरेपी, एंटीडिप्रेसेंट्स) का सेवन भी बालों के झड़ने का कारण बन सकता है।

गंजेपन के लिए घरेलू नुस्खे नहीं इलाज कराएं | Hair Care

हेयर ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ योगेश कल्याणपद ने बताया कि मेल पैटर्न बाल्डनेस में केमिकल या नुस्खे काम नहीं करते हैं, पुरुषों में होने वाले गंजेपन के लिए कुछ दवाइयां आती है, जो डीटीएच में ब्लॉकिंग करते है। इसमें बालों के पतले होने पर ही इलाज शुरू किया जाता है, ताकि हेयर थिनिंग को रोका जा सके। यही हेयर थिंकिंग आगे चलकर परमानेंट गंजेपन में बदल जाती है। उन्होंने बताया कि अगर दवाइओं से मदद ना मिले तो हेयर ट्रांसप्लांट का इस्तेमाल किया जा सकता है। ‌

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