168 लोगों को काबुल से लेकर भारत पहुंचा विमान, थोड़ी देर में आ रही है 87 भारतीयों की दूसरी फ्लाइट

Published On

नई दिल्ली (एजेंसी)। अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा होने के कारण काबुल में अफरा-तफरी मची हुई है। सभी देश में अपने-अपने नागरिकों को सुरक्षित वापिस लाने की कोशिश में लगे हुए हैं। इस बीच काबुल हवाई अड्डे पर मची अबरा-तफरी और तालिबान के कबज्जे के बाद बिगड़ी स्थिति के चलते दो भारतीय विमानों के वहां से उड़ान भरने में देरी हुई। सरकारी सूत्रों के मुताबिक भारतीय वायु सेना के सी-17 विमान ने आज सुबह काबुल से 168 लोगों के साथ उड़ान भरी थी। वायुसेना के इस विमान ने गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर लैंडिंग की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने विमान के टेकआॅफ करते वक्त बताया था कि 107 भारतीय नागरिकों सहित 168 यात्रियों के साथ आईएएफ की खास उड़ान काबुल से दिल्ली के रास्ते में है। उधर शनिवार को 87 भारतीयों संग एयर इंडिया की एक फ्लाइट ने उड़ान भरी थी.सूत्र बताते हैं की लॉजिस्टिक्स से संबंधित दिक्कतों को चलते फ्लाइट्स के टेकआॅफ करने में दिक्कत हुई। फिलहाल ये अमेरिकी सुरक्षाबलों के कंट्रोल में है। हवाई अड्डे के बाहर तालिबान कंट्रोलिंग पॉइंट पर अफरा-तफरी का माहौल है।

अब्दुल्ला, करजई की अफगानी जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील

सर्वोच्च राष्ट्रीय सुलह परिषद के अध्यक्ष अब्दुल्ला और अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने काबुल के कार्यवाहक तालिबान गवर्नर अब्दुल रहमान मंसूर से मुलाकात की और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, ‘दोनों पक्षों ने अफगानिस्तान के नागरिकों की सुरक्षा पर चर्चा की। उन्होंने कहा, ‘हमने दोहराया कि राजधानी के नागरिकों के जीवन, संपत्ति और सम्मान की रक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। राजधानी काबुल में सामान्य स्थिति की बहाली के लिए आवश्यक है कि राजधानी के नागरिक सुरक्षित और सुरक्षित महसूस करें। उन्होंने कहा, ‘मंसूर ने हमें आश्वस्त किया है कि वह काबुल के लोगों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। इस बीच हिज्ब-ए-इस्लामी पार्टी के नेता गुलबुद्दीन हिकमतयार ने कहा कि ऐसे संकेत हैं कि तालिबान अफगानिस्तान में एक समावेशी सरकार स्थापित करना चाहता है। उन्होंने कहा कि काबुल हवाई अड्डे पर अफगान नागरिकों के खिलाफ हिंसा स्वीकार्य नहीं है। दूसरी तरफ ऐसी भी रिपोर्टें हैं कि हाल ही में पाकिस्तान का दौरा करने वाले कई प्रभावशाली राजनेताओं का एक अफगान प्रतिनिधिमंडल देश नहीं लौटा है। टोलो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक इनमें से कुछ नेता पाकिस्तान से अन्य देश पलायन कर गये हैं।

तालिबान ने 340 राजनीतिक बंदियों को किया रिहा

तालिबान ने पश्चिमी अफगानिस्तान के फराह प्रांत में 340 राजनीतिक बंदियों को रिहा कर दिया है। शमशाद न्यूज ब्रॉडकास्टर ने शनिवार को अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी। रिपोर्ट में तालिबान के हवाले से बताया गया कि मध्य उरुजगान प्रांत में अन्य 40 कैदियों को रिहा कर दिया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि तालिबान नेता हिबतुल्लाह अखुंदजादा ने गुरुवार को सभी जेलों से राजनीतिक बंदियों को रिहा करने का आदेश दिया।

 

अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और TwitterInstagramLinkedIn , YouTube  पर फॉलो करें।

About The Author

Related Posts