नई पहचान के साथ मुस्कुराया 114 साल पुराना नरवाना जंक्शन

25 करोड़ की लागत से हुआ कायाकल्प, पीएम मोदी ने राष्ट्र को किया समर्पित

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नरवाना (सच कहूँ/राहुल)। Narwana News: एक समय था जब नरवाना रेलवे जंक्शन अपनी पुरानी इमारत और सीमित सुविधाओं के कारण सिर्फ एक पड़ाव बनकर रह गया था। शुक्रवार को वही स्टेशन नए कलेवर, नई चमक और नई पहचान के साथ मुस्कुराता नजर आया। वर्ष 1912 में बने 114 साल पुराने इस ऐतिहासिक रेलवे जंक्शन का अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से कायाकल्प किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब के जालंधर से आयोजित कार्यक्रम के दौरान वर्चुअल माध्यम से पुनर्विकसित नरवाना रेलवे जंक्शन का राष्ट्र को समर्पित किया। इस अवसर पर स्टेशन परिसर में मौजूद लोगों ने बदलते स्वरूप को देखा तो हर किसी के मुंह से यही निकला कि अब नरवाना का स्टेशन भी बड़े शहरों जैसा दिखता है।

नरवाना रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में भाजपा हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता, राज्यसभा सांसद सुभाष बराला, पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल, एडीआरएम रेलवे एन एस भागल, डीसीएम एफ एस रिचा शर्मा, सहित प्रशासनिक अधिकारी, रेलवे अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे। सभी ने प्रधानमंत्री का वर्चुअल संबोधन सुना और लोकार्पण कार्यक्रम के साक्षी बने। लोकार्पण के साथ ही नरवाना जंक्शन ने विकास के नए दौर में कदम रख दिया। स्टेशन का बदला हुआ स्वरूप केवल भवन तक सीमित नहीं है, बल्कि यात्रियों की सुविधा, शहर की पहचान और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर इसे विकसित किया गया है। आधुनिक स्वरूप में तैयार स्टेशन अब न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देगा, बल्कि शहर में आने वाले लोगों के लिए नरवाना की पहली छवि भी बदलेगा।

यही वजह रही कि उद्घाटन समारोह के दौरान स्टेशन परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला। दिल्ली मंडल के प्रमुख रेलवे जंक्शनों में शामिल नरवाना से प्रतिदिन हजारों यात्री सफर करते हैं। पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के लिए यह महत्वपूर्ण रेल संपर्क का केंद्र है। स्टेशन के पुनर्विकास से स्थानीय व्यापार, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। शहर के लोगों का मानना है कि आधुनिक रेलवे स्टेशन किसी भी शहर की पहचान को नई ऊंचाई देता है और नरवाना को भी अब वही पहचान मिल गई है, जिसका इंतजार वर्षों से था।

114 साल की विरासत, अब विकास की नई पहचान

वर्ष 1912 में बने नरवाना रेलवे जंक्शन ने एक सदी से अधिक समय तक क्षेत्र की रेल यात्रा का इतिहास अपने भीतर समेटे रखा। समय के साथ यात्रियों की संख्या बढ़ी, लेकिन स्टेशन का स्वरूप लंबे समय तक नहीं बदला। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हुए पुनर्विकास ने इस ऐतिहासिक स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए इसकी विरासत को नया आयाम दिया है। आज यह स्टेशन केवल ट्रेनों का ठहराव नहीं, बल्कि बदलते नरवाना, बढ़ते विश्वास और विकास की नई सोच का प्रतीक बन चुका है।

यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों मजबूत होंगी

आधुनिक स्टेशन बनने से सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी। बेहतर आधारभूत ढांचा और सुव्यवस्थित परिसर यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण सुनिश्चित करेगा।

- सीमा, इंचार्ज जीआरपी चौकी, नरवाना।

यात्रियों को पहले से कहीं बेहतर सुविधाएं मिलेंगी

स्टेशन के पुनर्विकास का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना है। हमारा प्रयास रहेगा कि स्टेशन पर साफ-सफाई, समयबद्ध सेवाएं और यात्री सुविधाओं का स्तर लगातार बेहतर बना रहे। - रणधीर सिंह ,स्टेशन अधीक्षक, नरवाना

रेलवे स्टेशन किसी भी शहर का पहला परिचय होता है

जब कोई व्यक्ति पहली बार किसी शहर में पहुंचता है तो उसकी पहली नजर रेलवे स्टेशन पर पड़ती है। नरवाना स्टेशन का आधुनिक स्वरूप निश्चित रूप से शहर की सकारात्मक छवि प्रस्तुत करेगा। यह बदलाव आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणादायी रहेगा। 

-रमेश कुमार, प्रधान भगवती सेवा समिति, नरवाना।

वर्षों का इंतजार आखिरकार पूरा हुआ

मैं पिछले कई वर्षों से इसी स्टेशन से सफर कर रहा हूं। पुराने और नए स्टेशन में जमीन-आसमान का अंतर है। अब यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और सफर का अनुभव भी पहले से कहीं अधिक आरामदायक होगा।   - विकेश तागरा, कपड़ा व्यापारी, नरवाना। 

शहर की पहचान को मिली नई ऊंचाई
नरवाना रेलवे जंक्शन वर्षों से इस क्षेत्र की पहचान रहा है। अब इसका नया स्वरूप शहर के गौरव को और बढ़ाएगा। आधुनिक स्टेशन बनने से विकास की नई संभावनाएं भी खुलेंगी और शहर की सकारात्मक छवि बनेगी।  -नंदलाल शर्मा, समाजसेवी ,नरवाना।

Narwana News (2)
Narwana News:नरवाना रेलवे जंक्शन पर आयोजित लोकार्पण समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन सुनते मुख्य अतिथि, जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं शहरवासी

 

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