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America Deport Indian News: अमेरिका से डिपोर्ट हुआ कालरों गांव का आकाश लौटा घर, घरौंडा के अरूण पाल की नहीं जानकारी
आकाश 73 लाख और अरूण 45 लाख रुपए खर्च करके गया था अमेरिका, डिपोर्ट होने से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
घरौंडा (सच कहूँ न्यूज़)। US Deported Indian: अमेरिकी सरकार सख्त हुई और अवैध प्रवासियों को डिपोर्ट कर दिया। 104 भारतीयों में घरौंडा ब्लॉक के दो युवक शामिल थे। जिनमें से एक कालरम गांव का आकाश है और दूसरा घरौंडा का अरूण पाल है। अमेरिकन आर्मी का हवाई जहाज भारतीयों को अमृतसर लेकर पहुंचा और वहां से हरियाणा पुलिस के माध्यम से युवा अपने घर लौटे। Karnal News
आकाश 5 फरवरी की देर रात तक अमृतसर एयरबेस पर अधिकारियाें की प्रक्रिया में उलझा रहा और प्रक्रिया पूरी होने के बाद रात को उन्हें वहां से हरियाणा पुलिस घर लेकर आई। 6 फरवरी की सुबह 6 बजे आकाश अपने घर पहुंच गया, लेकिन अरूण पाल घर नहीं लौटा। वह कहां है, इसके बारे में भी परिजनों को कोई जानकारी नहीं है। ऐसे में परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है।
कालरम गांव का आकाश जून-2024 में घर से अमेरिका के लिए रवाना हुआ था। उसे पहले एक महीने दिल्ली रोका गया। फिर दो महीने उसको मुंबई रोका गया, उसके बाद उसे ब्राजील भेजा और वहां से अन्य देशों में होता हुआ पनामा के जंगल क्रॉस करके 25 जनवरी की आधी रात को अमेरिका में एंटर कर गया था। अमेरिका की पुलिस ने उसे उसी वक्त पकड़ लिया और चौकी इमीग्रेश कैंप में ले गई। जहां पर हजारों लोगों को रखा गया था। वहीं पर साइन करवाए गए और धमकाया गया कि यदि साइन नहीं किए तो जान से मार देंगे। वहां पर नौ दिन तक रखा और फिर आर्मी के जहाज में बैठाकर इंडिया डिपोर्ट कर दिया। Karnal News
आकाश के भाई शुभम ने बताया कि परिवार ने जमीन बेचकर 73 लाख रुपए खर्च करके आकाश को अमेरिका भेजा था। 15 लाख का कर्ज भी उठाया था। अब उनके सामने अंधेरा ही अंधेरा है, क्योंकि इतना मोटा कर्ज सिर पर है और उतारने का कोई सोर्स नहीं है। आकाश ने डंकी के रास्ते के दौरान बहुत ही ज्यादा यातनाएं सही है। कष्ट सहे है। परिवार ने सोचा था कि अाकाश अमेरिका में सेटल हो गया तो कर्ज भी उतर जाएगा और जमीन भी वापिस बना लेंगे, लेकिन होनि को कुछ ओर ही मंजूर था।
शुभम का कहना है कि उनके पिता की मौत 2006 में बीमारी के कारण हो गई थी। वही उनकी मां की तबियत भी ठीक नहीं रहती है। जबसे उन्होंने आकाश के डिपोर्ट होने की बात सुनी है, उसके बाद से ही तबियत बिगड़ रही है। शुभम ने बताया कि अब पूरा परिवार कर्जे के नीचे दब चुका है। सरकार से अपील है कि सरकार कुछ राहत दे। और युवाओं से एक ही बात कहूंगा कि डंकी के रास्ते विदेश न जाए।
45 लाख रुपए खर्च करके अमेरिका गया था अरूण पाल | Karnal News
घरौंडा का 24 वर्षीय अरूण पाल भी अपनी आधा एकड़ जमीन बेचकर 14 महीने पहले अमेरिका गया था। वह भी आकाश के साथ ही 25 जनवरी को अमेरिका में एंटर कर गया था। अरूण ने करीब 45 लाख रुपए खर्च किए थे। उसके पिता मजदूरी करते है और भाई लिबर्टी में काम करता है। अरूण के पिता प्रेम सिंह पाल बताते है कि उनके बेटा अमेरिका जाकर डॉलर में कमाई करना चाहता था। वह चाहता था कि घर के हालात सुधरे। इसलिए जमीन बेची और कर्ज लेकर बेटे को अमेरिका भेज दिया था। वह 25 जनवरी को वह अमेरिका में पहुंच गया था।
उसके बाद से हमें यह नहीं पता कि वह कहां पर है और कैसा है। हम उसको कॉल कर रहे है लेकिन कॉल भी नहीं लग रहा। बता रहे है कि वह अमेरिका से अमृतसर आ चुका है अब उसकी भी डिटेल नहीं है। हम उसे लेने भी जाए तो कहां पर जाए। कुछ समझ नहीं आ रहा है। भाई गौरव का कहना है कि हम चाहते है कि हमारा भाई घर सुरक्षित वापिस आ जाए। बता रहे है कि 104 की लिस्ट में अरूण का भी नाम था, लेकिन वह घर नहीं लौटा। आकाश के परिवार से बात करके पता चला कि अभी अरूण अमेरिका में ही कैंप में है। अब वह कब आएगा, इसके बारे में कुछ नहीं पता है। Karnal News
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