ज्योति दान व अमर सेवा मुहिम के तहत डबवाली से निकला एक और प्रेरणादायक परिवार

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आशा रानी इन्सां की मृतदेह मेडिकल शोध कार्यों के लिए दान

डबवाली (सुभाष)। डेरा सच्चा सौदा की साध संगत पूज्य गुरु संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए मानवता हित में 175 से अधिक मानवता भलाई के कार्यों में निरंतर भाग ले रही है। इन्हीं मानवता भलाई के कार्यों में शामिल ज्योति दान व अमर सेवा मुहिम के तहत ब्लॉक डबवाली के शहर डबवाली से वीरवार को एक और प्रेरणादायक देहदान व नेत्रदान किया गया। Sirsa News

वीरवार को 50 वर्षीय आशा रानी इन्सां धर्मपत्नी मोहनलाल वधवा इन्सां की मृतदेह को मेडिकल शोध कार्यों के लिए सत्य आयुर्वैदिक मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल, सीसर खास, महम, रोहतक (हरियाणा) को दान किया गया। वहीं उनके नेत्र आई डोनेशन सोसाइटी, मलोट द्वारा प्राप्त कर आई बैंक गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, अमृतसर को दान किए गए, ताकि किसी जरूरतमंद को नई रोशनी मिल सके। इस अवसर पर परिजन, रिश्तेदार, क्षेत्रवासी तथा शहर व आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में साध संगत मौजूद रही।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 में डेरा सच्चा सौदा की साध संगत द्वारा किया गया यह ब्लॉक डबवाली का तीसरा नेत्रदान व दूसरा शरीरदान है। जानकारी के अनुसार यह परिवार का दूसरा शरीरदान है। इससे पहले नवंबर 2025 में मोहनलाल वधवा इन्सां की माता, सचखंडवासी भगवान देवी का शरीरदान वर्ल्ड कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च, झज्जर (हरियाणा) को किया गया था। Sirsa News

आशा रानी इन्सां ने पूज्य गुरु जी की पावन प्रेरणा से मरणोपरांत शरीरदान का प्रण लिया हुआ था

बताया जाता है कि बुधवार रात्रि को आशा रानी इन्सां अपनी सांसों रूपी पूंजी पूरी कर सतगुरु के चरणों में जा विराजीं। उनके मरणोपरांत उनके पति मोहनलाल वधवा इन्सां, बेटी नैन्सी इन्सां तथा अन्य परिवारजनों ने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए मृतदेह को सत्य आयुर्वैदिक मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल, सीसर खास, महम, रोहतक (हरियाणा) को दान कर दिया। आशा रानी इन्सां ने पूज्य संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा से अपने जीवनकाल में मरणोपरांत शरीरदान का प्रण लिया हुआ था।

सचखंडवासी के आवास पर अरदास का शब्द  तथा ”धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा” का इलाही नारा लगाते हुए मृतदेह को फूलों से सजी एंबुलेंस में रखा गया। इससे पूर्व उनकी बेटी नैन्सी इन्सां, परिवार की बहन-बेटियों व भाइयों ने अर्थी को कंधा दिया। सैंकड़ों की संख्या में मौजूद साध संगत, रिश्तेदारों व शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सेवादारों ने ”जब तक सूरज चांद रहेगा, आशा रानी इन्सां तेरा नाम रहेगा”, ”सच्चे सौदे की सोच पे पहरा देंगे ठोक के” तथा ”नेत्र दानी व शरीरदानी आशा रानी इन्सां अमर रहे” जैसे गगनभेदी नारों के साथ शहर की गलियों से होते हुए कॉलोनी रोड से एंबुलेंस को मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना किया। बहन आशा रानी इन्सां ने वर्ष 1996 में पूजनीय संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां से नाम की अनमोल दात प्राप्त की थी। इसके बाद उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन मानवता भलाई के कार्यों को समर्पित कर दिया और अपने परिवार को भी हमेशा ऐसे कार्यों में अग्रसर रखा। Sirsa News

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